पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के मालिक व चांसलर अशोक मित्तल ने पहली बार हिंसा को लेकर खुलकर बात की।

दिल्ली में न्यूज एजेंसी से बातचीत में मित्तल ने कहा कि उन्हें पंजाब में डर लग रहा है। यहां नशाखोरी-गैंगस्टरवाद है। सरेआम सड़कों पर लूट-किडनैपिंग हो रही है।
एक ही पैटर्न पर पहले चितकारा और फिर LPU में हालात खराब हुए। मित्तल ने कहा कि इस सबसे पंजाब का बिजनेसमैन डरा हुआ है। उन्होंने इसे बहुत बड़ी साजिश करार देते हुए कहा कि जिसने भी ये किया, उनकी सच्चाई सामने लानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि ये सब LPU या मेरे खिलाफ नहीं बल्कि पंजाब को डिस्टर्ब करने की साजिश है। बता दें कि रविवार रात को LPU में जमकर हिंसा हुई थी। जिसमें यूनिवर्सिटी में तोड़फोड़ की गई और करीब 18 घंटे तक हाईवे भी जाम रखा गया।
LPU चांसलर अशोक मित्तल की अहम बातें
  • बाहरी अंसरों ने स्टूडेंट्स को भड़काया: अशोक मित्तल ने कहा- बाहर के कुछ अंसरों ने इन प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्टूडेंट्स को भड़काया। जो समझ आ रहा है कि स्टूडेंट्स इसके प्रेशर में आ गए। उसके बाद कुछ बाहर के अंसर पहले से ही तैयारी से बैठे थे, उन्होंने इस मौके का फायदा उठाया। वह कैंपस में घुसे। उन्होंने तोड़फोड़ और चोरी-चकारी की। जो निंदनीय है और लॉ एंड ऑर्डर पर भी सवाल है कि इस पर समय पर क्यों काबू नहीं पाया जा सका।
  • पहले चितकारा, फिर LPU में हुआ, सेम पैटर्न: अशोक मित्तल ने कहा- एक दिन पहले शुक्रवार-शनिवार चितकारा यूनिवर्सिटी में हुआ। शनिवार-रविवार की रात LPU में हुआ। ये बात तो स्पष्ट है कि एक ही पैटर्न है। दोनों जगह रेडिट के जरिए ही ये सब हुआ। वहां भी यही कहा गया कि 2 लड़कियों ने सुसाइड कर लिया। इसमें बहुत बड़ी साजिश है। अब सवाल ये है कि साजिश पंजाब के अंदर हुई या बाहर, ये जांच का विषय है। इस वजह से जो LPU का नुकसान, तोड़फोड़ और चोरी हुई, उससे हमें नुकसान हुआ। मेरे स्टूडेंट्स और स्टाफ आहत हुआ।
  • पंजाब को डिस्टर्ब करने की साजिश: अशोक मित्तल ने कहा- मैं पंजाब से हूं, मेरा जन्म यहीं हुआ। मेरा सब कुछ पंजाब में है। पंजाब ने मुझे बहुत कुछ दिया और राज्यसभा सांसद तक पहुंचाया। अब मुझे ये डर लगता है कि अकेले LPU या अशोक मित्तल के खिलाफ नहीं बल्कि पंजाब को डिस्टर्ब करने की साजिश है। पंजाब बॉर्डर स्टेट है। पाकिस्तान साथ सटा हुआ है। वह तरह–तरह से ऐसी हरकतें करता रहता है। ये पंजाब के 3 करोड़ लोगों की सुरक्षा का सवाल है
  • नशा, गैंगस्टरवाद बड़ी समस्या: अशोक मित्तल ने कहा- पंजाब में नशाखोरी की बहुत बड़ी समस्या है। गैंगस्टरवाद है। स्नेचिंग बहुत बड़ी समस्या है। बच्चों की किडनैपिंग हो रही है। इसमें ये सब हो जाना, यह बहुत बड़ी साजिश को दर्शाता है। इसे बेनकाब किया जाना चाहिए। इसके लिए जो भी जिम्मेदार है, उन्हें पकड़ा जाना चाहिए।
  • यूनिवर्सिटी में सिक्योरिटी सिस्टम, आम पंजाबियों का क्या होगा: मित्तल ने कहा- पंजाब में बिजनेसमैन खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। यूनिवर्सिटी का LPU का सिक्योरिटी का सिस्टम होता है। किसी बच्चे को अंदर जाना है तो फेस स्कैनिंग होती है। गाड़ियों के लिए बूम बैरियर लगे हुए हैं। इतना कुछ होने के बावजूद ये सब हो गया तो हम कितने सेफ हैं?। ये सवाल हर पंजाबी और बिजनेसमैन के दिल में हैं। एक तरफ गैंगस्टर तंग कर रहे तो दूसरी तरफ ये समस्या हो गई।
  • पंजाब में बहुत बड़ा डर:मित्तल ने कहा- हमारे परिवारों की महिलाएं सड़कों पर जाती हैं, स्नेचिंग हो जाती है। मोबाइल लूट लिए जाते हैं। पंजाबियों में डर पैदा हो गया है। पंजाब में बहुत बड़ा डर है जो मुझे भी लगता है। इसलिए साजिश को बेनकाब करना बहुत जरूरी है।
अब जानिए, LPU हिंसा मामले में अब तक क्या-क्या हुआ
  • 26 सितंबर की रात: LPU के गर्ल्स हाूसअल-3 से जुड़ा एक दावा छात्रों और सोशल मीडिया में फैलने लगा कि एक छात्रा के साथ कथित तौर पर रेप हुआ है। कुछ पोस्टों में यह भी दावा था कि छात्रा की बाद में मौत हो गई। पुलिस ने बाद में कहा कि इन दावों की जांच की जा रही है। LPU ने आरोपों को को खारिज किया। छात्र GH-3 के आसपास इकट्ठे होने लगे। इसके बाद प्रदर्शन कैंपस के दूसरे हिस्सों तक फैल गया।
  • 27 सितंबर की सुबह: छात्र दिल्ली-अमृतसर NH-44 पर पहुंच गए और हाइवे ब्लॉक कर दिया। पुलिस, प्रशासन और LPU प्रबंधन ने छात्रों से बातचीत की। पुलिस ने कथित रेप की शिकायत पर दर्ज FIR और SIT की जानकारी भी छात्र प्रतिनिधियों को दी, लेकिन प्रदर्शन तुरंत समाप्त नहीं हुआ। छात्रों की मांगों में सुरक्षा, प्रशासन से जवाब और प्रदर्शन के कारण कार्रवाई न किए जाने की मांगें शामिल थीं।
  • 27 सितंबर की शाम: जब पुलिस ने हाईवे खाली कराने की कोशिश की, स्थिति बिगड़ी। पुलिस के अनुसार प्रदर्शनकारियों की ओर से बोतलें और पत्थर फेंके गए। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया। फिर भीड़ और पुलिस के बीच झड़प हुई और पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया। उसी रात पुलिस के वाहन जलाए गए
  • 28 सितंबर की सुबह: नेशनल हाईवे खोल दिया गया। करीब 18 घंटे तक ये हाईवे जाम रहा था। LPU ने 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए नियमित कक्षाएं स्थगित कर दीं और मिड-टर्म परीक्षाएं अगले आदेश तक टाल दीं। बड़ी संख्या में छात्र घर लौटने लगे। अगले आदेश तक इंटरनेट बंद किया गया।
  • 28–29 सितंबर: यूनिवर्सिटी के अंदर बने यूनी मॉल् में नुकसान और लूट का मामला सामने आया। इसमें मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य सामान था। इसी दौरान 28 सितंबर को बंद इंटरनेट भी बहाल कर दिया गया। कैंपस में पुलिस की भारी मौजूदगी बनी रही।
  • 30 सितंबर: पुलिस ने हिंसा, हाईवे जाम, लूट/तोड़फोड़ और पुलिस पर हमले से जुड़ी 3 FIR दर्ज होने की जानकारी दी। इन मामलों में आरोपियों को शुरू में अज्ञात रखा गया। आठ सदस्यीय SIT बनाई गई। जिसमें स्टूडेंट्स भी शामिल हैं। हिंसा को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने सरकार से 8 अक्टूबर को स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।
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