जालंधर कैंट से कांग्रेस MLA और नवनियुक्त कांग्रेस सूबा प्रधान परगट सिंह की भाषा व भाषण बदल गया।
2 अक्टूबर से पहले तक सधे हुए शब्दों में बात करने वाले परगट सिंह अचानक शपथ ग्रहण समारोह में आप नेताओं को खस्सी यानी नपुंसक कह बैठे। उनके मुंह से खस्सी शब्द निकलते ही आसपास खड़े नेता हैरान रह गए। कुछ नेता तो परगट सिंह के चेहरे की तरफ टकटकी लगाकर देखने लगे कि वह क्या कह गए। हालांकि, नीचे भीड़ से हो रही नारेबाजी ने इस बात को कुछ समय के लिए ढंक दिया।
परगट सिंह का भाषण भी पूरी तरह बदला हुआ नजर आया। ठीक पूर्व प्रधान राजा वड़िंग की तर्ज पर उन्होंने बीच-बीच में यूथ को खुश करने वाले शब्दों का इस्तेमाल किया। पूरे भाषण में कांग्रेस को एकजुट करने और आप व बीजेपी के खिलाफ एग्रेसिव दिखने की कोशिश की।
उन्होंने आप के विधायकों को 95 गूंगे कहकर संबोधित किया। परगट ने कहा कि ये जो 95 गूंगे हैं, इनके ट्वीट भी दिल्ली से लिखकर आते हैं और इनके ट्विटर हैंडल भी वहीं से हैंडल होते हैं। पंजाबियों ने पंजाबी तो चुने थे, उनको क्या पता था कि इतने नपुंसक (खस्सी) लोग थे।
जिनके साथ कभी छत्तीस का आंकड़ा रहा वो भी हो रहे एकजुट। (फाइल शॉट)
परगट के पहले भाषण के 5 पॉइंट, जानें किसको घेरा
अपनी कुर्सी को तुरंत लात मारें CM मान- परगट सिंह ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि वे दिल्ली के ‘धाड़वियों’ (हमलावरों) के आगे घुटने टेक चुके हैं। भगवंत मान सिर्फ मुख्यमंत्री की कुर्सी बचाने के लिए पंजाब के हित दिल्ली के नेताओं को सौंप रहे हैं। ऐसी लाचार और आत्मसमर्पण वाली मुख्यमंत्री की कुर्सी को तुरंत लात मार देनी चाहिए।
पुलिस अफसर बन चुके हैं सत्ता के मोहरे- राज्य के शीर्ष अधिकारियों, डीजीपी और मुख्य सचिव को चेतावनी भरा संदेश देते हुए कहा कि वे सत्ताधारियों के ‘फीले’ (मोहरे) बनना बंद करें। पढ़े-लिखे अधिकारी होकर भी उन्होंने राज्य में लोकतंत्र की जगह ‘पुलिस राज’ कायम कर दिया है। सरकारें बदलेंगी और आने वाले समय में पंजाब इन सभी गलत कामों का पूरा हिसाब लेगा।
पंजाबी किसी की अकड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे- आम आदमी पार्टी के विधायकों पर तंज कसते हुए उन्हें 95 गूंगे करार दिया। कहा कि इनके ट्वीट और सोशल मीडिया अकाउंट भी दिल्ली से रिमोट कंट्रोल होते हैं। उन्होंने कहा कि तानाशाही का आलम यह है कि अपनी बात रखने वाले विधायकों को दो घंटे में पार्टी से निकाल दिया जाता है, लेकिन पंजाबी ऐसी गुलामी और हुकूमती अकड़ कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
दिल्ली वालों को पंजाब की सीमा से खदेड़ेगी कांग्रेस- पंजाब की फितरत का हवाला देते हुए उन्होंने दिल्ली के केंद्रीय और आप नेतृत्व को ललकारा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर वे साम, दाम, दंड, भेद की राजनीति से पंजाब को दबाने की कोशिश करेंगे, तो कांग्रेस की एकजुट टीम इन बाहरी हमलावरों को न केवल राजपुरा पार कराएगी, बल्कि शंभू बॉर्डर के पार तक खदेड़कर आएगी।
केंद्र देश में तानाशाही का माहौल बना रहा- केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि देश में तानाशाही का माहौल बनाया जा रहा है। मोदी-शाह की जोड़ी देश के संवैधानिक ढांचे को तहस-नहस कर रही है। जब तानाशाह डरता है, तो लाखों पुलिस वाले तैनात करता है, लेकिन इतिहास गवाह है कि डर के मारे ऐसे तानाशाह अंत में मैदान छोड़कर भाग खड़े होते हैं।
टीम परगट-बाजवा गोलकीपर, चन्नी रणनीतिकार, रंधावा हिटर
पार्टी को एकजुट करने का प्रयास -परगट सिंह ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के अंदर अलग-अलग विचार होना कोई गुटबाजी नहीं, बल्कि एक ‘जीवंत लोकतंत्र’ की निशानी है। उन्होंने कहा कि नेताओं में मतभेद (डिफरेंस ऑफ ओपिनियन) हो सकते हैं, लेकिन जब पंजाब और पार्टी के हितों की बात आती है, तो पूरी कांग्रेस एकजुट होकर एक ही मंच पर खड़ी होती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे किसी के बहकावे में न आएं और मिलकर लड़ें, क्योंकि असली ताकत एकजुट टीम में ही होती है।
सचिन पायलट होंगे टीम के कोच- उन्होंने पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का जिक्र करते हुए उनके नेतृत्व और एनर्जी की सराहना की। इसके साथ ही राजस्थान के वरिष्ठ नेता और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव सचिन पायलट की कोचिंग में अच्छा खेल दिखाने की बात कही।
सुखजिंदर सिंह रंधावा पेनल्टी कॉर्नर देखेंगे- पूर्व डिप्टी सीएम और वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा के आक्रामक अंदाज़ पर चुटकी लेते हुए परगट सिंह ने खेल की भाषा में कहा कि हमारे रंधावा साहब तो ऐसे नेता हैं जो पेनल्टी कॉर्नर के अलावा कोई दूसरी बात ही नहीं करते। वे हमेशा आक्रामक रूप से गोल करने के मूड में रहते हैं।
प्रताप सिंह बाजवा बनाया टीम का गोलकीपर- विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा की भूमिका की तुलना हॉकी के गोलकीपर से करते हुए उन्होंने कहा, हमारे पास बाजवा साहब के रूप में इतना शानदार गोलकीपर है कि विरोधी टीम का कोई भी वार हमारी तरफ आसानी से पार नहीं हो सकता।
चरणजीत सिंह चन्नी होंगे चालाक रणनीतिकार- पंजाब के पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के बारे में उन्होंने कहा कि चन्नी साहब बीच मैदान में ऐसी रणनीति (स्कीम) बनाते हैं कि विरोधी टीम पूरी तरह गच्चा खा जाती है। उनके पास विरोधियों को मात देने के लिए अचानक और अप्रत्याशित चालें होती हैं।
राणा गुरजीत सिंह और सुखपाल सिंह खैरा पर- राणा गुरजीत सिंह की आक्रामकता का जिक्र करते हुए उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि राणा जी मैदान में उतरने के बाद किसी को छोड़ते नहीं हैं। वहीं सुखपाल सिंह खैरा टीम का अहम योद्धा बताया।