कांग्रेस के नए प्रदेश प्रधान बनने के बाद परगट सिंह ने पंजाब पहुंचकर शक्ति प्रदर्शन किया।

3 अक्टूबर को राजा वड़िंग की जगह पंजाब कांग्रेस की जिम्मेदारी मिलने के बाद यह उनका पहला पंजाब दौरा है।परगट सिंह कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट के साथ दिल्ली से सुबह करीब 9 बजे अमृतसर एयरपोर्ट पहुंचे। यहां कांग्रेस नेताओं ने ढोल बजाकर उनका स्वागत किया। इसके बाद एयरपोर्ट से परगट सिंह सीधे गोल्डन टेंपल में माथा टेकने पहुंचे।
इस दौरान कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट खुद उनकी कार ड्राइव करते नजर आए। परगट सिंह ने कहा कि

आज वह श्री दरबार साहिब में शुकराना करने के लिए आए हैं। आज राजनीति का दिन नहीं है, मैं राजनीति जरूर करूंगा, लेकिन एक-दो दिन बाद करूंगा।

परगट सिंह अमृतसर में सभी धर्मों के धर्मस्थलों पर माथा टेकेंगे। इसके बाद वे मोहाली में कांग्रेस लीडरशिप की बैठक ले सकते हैं। इसके अगले दिन हिमाचल प्रदेश के मां चिंतपूर्णी दरबार में भी माथा टेकने का कार्यक्रम है।
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान परगट सिंह की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, सचिन पायलट के दौरे का आगे का कार्यक्रम बाद में जारी किया जाएगा। पंजाब लौटने से पहले परगट सिंह ने दिल्ली में पूर्व प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग से मुलाकात की।
मुलाकात के बाद परगट सिंह ने कहा कि कांग्रेस पंजाब में एकजुट है। उन्होंने कहा कि सभी की अपनी-अपनी राय हो सकती है, लेकिन यही लोकतंत्र की खूबसूरती है। पंजाब में कांग्रेस एकजुट होकर 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ेगी।
3 पाइंट में जानें कांग्रेस के कार्यक्रम के राजनीतिक मायने
पार्टी की कोर आइडियोलॉजी धर्म-निरपेक्षता का संदेश- कांग्रेस के जारी मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम में राजनीतिक मैसेज भी छिपा है। कार्यक्रम में सिखों के सर्वोच्च पूजा स्थल दरबार साहिब, हिंदुओं के बड़े तीर्थ स्थल दुर्गियाना मंदिर, ईसाई सेंट पॉल चर्च और वाल्मीकि भाईचारे के रामतीर्थ को कवर कर परगट सिंह पहले ही दिन से पार्टी की कोर आइडियोलॉजी धर्मनिरपेक्षता का संदेश देना चाहते हैं। इसके साथ ही ये भी जतलाना चाहते हैं कि कांग्रेस के लिए हर धर्म के वोटर जरूरी हैं और उनका ख्याल है।
AAP और BJP से मुकाबले के लिए तैयार- परगट सिंह और सचिन पायलट दोनों ने ही हाल ही में पंजाब की कमान संभाली है। दोनों ने अपने कार्यक्रम से यहां की सत्ताधारी पार्टी AAP और 2027 विधानसभा चुनाव में पैर जमाने की पूरी कोशिश में लगी BJP की कार्यशैली अपनाई है। दोनों की पार्टियों के स्टाइल में धर्मस्थलों पर माथा टेककर शुरुआत करने की शैली अपनाई है। धर्म की सहानुभूति लेकर दोनों पार्टियां पंजाब में काम कर रही हैं। AAP सरकार पंजाब में बड़े पैमाने पर ‘हमारे राम’, बुजुर्गों के लिए तीर्थ यात्रा और ‘शिव महिमा’ जैसे कार्यक्रम चला रही है। वहीं, भाजपा डेरों से सीधे संपर्क में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जालंधर में डेरा बल्लां का दौरा तक कर चुके हैं।
हर धर्म और वर्ग के वोटर के दिल में जगह बनानी- भाजपा की कोर आइडियोलॉजी धर्म और हिंदुत्व का तोड़ निकालने के लिए सभी पार्टियां पंजाब के हिंदू वोटरों को रिझाने की कोशिश में लगी हैं। आप इसके लिए लगातार प्रयास कर रही है तो अब कांग्रेस ने भी सभी धर्मस्थलों को अपने पहले ही कार्यक्रम से छूने की योजना बना ली है। चुनाव से पहले हर पार्टी राजनीतिक हाशिए पर रहे करीब 40 फीसदी हिंदू वोटरों की बात करने की कोशिश कर रही हैं।
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