मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने राज्य के शहरी इलाकों को साफ-सुथरा और बेहतर बनाने के उद्देश्य से ‘मिशन क्लीन पंजाब’ अभियान की शुरुआत की है। 29 अगस्त से 7 सितंबर तक चलने वाले इस विशेष अभियान में पंजाब सरकार के मंत्री, विधायक, मेयर, पार्षद और प्रशासनिक अधिकारी सीधे मैदान में उतरकर सफाई व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं।
पंजाब सरकार के मुताबिक, अभियान का मकसद केवल कुछ दिनों तक सफाई करना नहीं, बल्कि ऐसे स्थायी इंतजाम तैयार करना है, जिनसे शहरों में नियमित सफाई और कचरा प्रबंधन बेहतर हो सके।
कचरे के हॉटस्पॉट पर विशेष फोकस
‘क्लीन पंजाब, प्राउड पंजाब’ के संदेश के साथ शुरू किए गए अभियान में उन स्थानों की पहचान की जा रही है, जहां बार-बार कचरा जमा होता है। ऐसे गार्बेज हॉटस्पॉट को विशेष टीमों के जरिए साफ कराया जाएगा।
इन जगहों की सफाई के बाद दोबारा कचरा न जमा हो, इसके लिए नियमित निगरानी और स्थानीय स्तर पर आवश्यक कार्रवाई पर भी जोर दिया जा रहा है।
नंगल में हरजोत सिंह बैंस ने संभाली कमान
स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने श्री आनंदपुर साहिब के नंगल में अभियान का नेतृत्व किया। उन्होंने सफाई गतिविधियों में भाग लेने के साथ सफाई कर्मचारियों और स्थानीय निवासियों से बातचीत भी की।
मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि शहरों को साफ रखने की जिम्मेदारी केवल सफाई कर्मचारियों तक सीमित नहीं हो सकती। दुकानदारों, नागरिकों और स्थानीय समुदायों को भी सफाई व्यवस्था बनाए रखने में अपनी भूमिका निभानी होगी।
उन्होंने कहा कि अभियान को एक बार की सफाई तक सीमित रखने के बजाय नियमित मॉनिटरिंग और कचरा दोबारा जमा करने वाले स्थानों पर कार्रवाई की व्यवस्था विकसित करने पर ध्यान दिया जा रहा है।
कोटकपूरा में सफाई कर्मचारियों का सम्मान
पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कोटकपूरा में अभियान की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने शहर की सफाई व्यवस्था में योगदान देने वाले सफाई कर्मचारियों को सम्मानित किया और उनके साथ सफाई गतिविधियों में भी हिस्सा लिया।
उन्होंने बताया कि कोटकपूरा और फरीदकोट के अन्य क्षेत्रों में सेकेंडरी वेस्ट कलेक्शन सेंटर और कचरा डंपिंग प्वाइंट्स की सफाई कराई जाएगी।
स्पीकर कुलतार सिंह संधवां के अनुसार, अलग-अलग वार्डों में तैनात सफाई कर्मचारियों और उनके सुपरवाइजरों की सूची तैयार की गई है। इसे सरकारी पोर्टल पर उपलब्ध कराने की योजना है, ताकि व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाई जा सके।
कई शहरों में मंत्री और विधायक मैदान में
‘मिशन क्लीन पंजाब’ के तहत राज्य के विभिन्न शहरों और कस्बों में जनप्रतिनिधियों ने सफाई अभियान का नेतृत्व किया।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने पटियाला के थापर चौक में सफाई गतिविधियों में हिस्सा लिया। उन्होंने स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य के बीच संबंध का उल्लेख करते हुए कहा कि खुले में जमा कचरा कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।
जालंधर में कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने नकोदर चौक के पास अभियान में भाग लिया। वहीं कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने जंडियाला गुरु में नगर परिषद अध्यक्ष, पार्षदों और सफाई कर्मचारियों के साथ अभियान की अगुवाई की।
खन्ना और जीरकपुर में भी अभियान तेज
कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंध ने खन्ना नगर परिषद कार्यालय से अभियान की शुरुआत की। वहीं विधायक कुलजीत सिंह रंधावा ने बलटाना, जीरकपुर में नगर पार्षदों, वार्ड प्रभारियों और अधिकारियों के साथ सफाई अभियान शुरू कराया। अभियान के दौरान जीरकपुर को साफ और कचरा-मुक्त रखने के लिए लोगों से भी सहयोग की अपील की गई।
अमृतसर से संगरूर तक जनप्रतिनिधियों ने संभाली जिम्मेदारी
अमृतसर में विधायक डॉ. अजय गुप्ता और मेयर जतिंदर पाल सिंह मोती भाटिया ने सफाई अभियान का नेतृत्व किया। फतेहगढ़ साहिब में विधायक एडवोकेट लखबीर सिंह राय ने सरहिंद नगर परिषद के अभियान में भाग लिया।
संगरूर में विधायक नरिंदर कौर भारज ने खंडा चौक से हरिपुरा होते हुए पुनिया टावर तक सफाई गतिविधियों में हिस्सा लिया। उन्होंने भवानीगढ़ के तूर पत्ती पार्क में भी अभियान में भागीदारी की।
मोगा, फगवाड़ा और अजनाला में भी सफाई अभियान
मोगा में विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा और डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने अभियान की निगरानी की। बस्सी पठाना में विधायक रूपिंदर सिंह हैप्पी और एसडीएम दीपजोत कौर ने सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया।
फगवाड़ा में सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल ने सफाई कार्यों की देखरेख की। वहीं अजनाला में विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल की अगुवाई में एसडीएम, ईओ और अन्य वॉलंटियर्स ने अभियान में हिस्सा लिया। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर जमा कचरे के ढेर हटाए गए।
एम-सेवा ऐप से लोग कर सकेंगे शिकायत
पंजाब सरकार ने अभियान में आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए एम-सेवा ऐप का इस्तेमाल करने की अपील की है। नागरिक अपने इलाके में कचरे या गंदगी वाले स्थानों की तस्वीरें ऐप के जरिए प्रशासन तक पहुंचा सकते हैं। इससे अधिकारियों को ऐसे स्थानों की पहचान करने और सफाई के लिए आवश्यक कार्रवाई करने में मदद मिलने की उम्मीद है।