आज पंजाब के विभिन्न इलाकों में बारिश की प्रबल संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, चंडीगढ़ में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और एक-दो बार गरज और बिजली के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान राज्य के औसत अधिकतम तापमान में 0.3 डिग्री सेल्सियस की मामूली वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटों में बठिंडा राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि गुरदासपुर में सबसे अधिक 47.5 मिमी बारिश हुई।
विभिन्न जिलों में मौसम का पूर्वानुमान
चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार, पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर और एसएएस नगर (मोहाली) में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इसके अलावा, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला के कुछ इलाकों में भी बारिश हो सकती है, जबकि मालवा क्षेत्र के फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब, मोगा, बठिंडा, बरनाला, मानसा और संगरूर में छिटपुट स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
पिछले 24 घंटों में दर्ज की गई वर्षा
गुरुवार को राज्य के कई हिस्सों में मौसम परिवर्तनशील रहा, जिसके चलते गुरदासपुर में सबसे अधिक 47.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा, रूपनगर में 12 मिमी और लुधियाना में 9.6 मिमी बारिश हुई, जबकि फिरोजपुर, पटियाला, जालंधर और भाखड़ा बांध के आसपास के इलाकों में भी हल्की बारिश हुई। वहीं, चंडीगढ़, अमृतसर, मोहाली, संगरूर और होशियारपुर में बारिश न होने के कारण लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा।
मानसून और मौसम प्रणाली की नवीनतम स्थिति
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, पंजाब और हरियाणा में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। मानसून की निम्न दबाव रेखा अमृतसर से होकर गुजर रही है, जबकि पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान और जम्मू के ऊपर मौजूद है। हरियाणा के ऊपर स्थित प्रणाली अब उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ गई है और पंजाब के ऊपर स्थित प्रणाली कमजोर हो गई है, जिसके कारण दोनों राज्यों में बादल छाए रहेंगे और कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी।
राज्य में बिजली की मांग 13,705 मेगावाट तक पहुंच गई।
भीषण गर्मी और उमस के चलते बिजली की खपत में भी भारी वृद्धि हुई है और 20 अगस्त की शाम को पंजाब में कुल बिजली की मांग 13,705 मेगावाट दर्ज की गई। इस मांग को पूरा करने के लिए राज्य ने अपने बिजली संयंत्रों से 5,027 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया, जबकि 8,668 मेगावाट बिजली बाहरी स्रोतों से खरीदनी पड़ी। इस प्रकार पंजाब ने निर्धारित अनुसूची से 203 मेगावाट अधिक बिजली बाहरी स्रोतों से ली।








