पठानकोट रोड हाईवे पर गांव राओवाली में इस बार पटाखा मार्केट सजेगी।

इसमें 150 के करीब दुकानें सजाने की तैयारी चल रही है। गांव में मिली 8 एकड़ जगह में अपनी दुकान सजाने की तैयारी कर रहे एक दुकानदार ने बताया कि 80 हजार रुपए में सभी तरह की फार्मेलिटीज पूरी हुई हैं।
पटाखा दुकान सजाने से पहले ही करीब डेढ़ लाख रुपए का खर्च आएगा। दुकानदार ने बताया कि पटाखों के रेट भी इस बार पिछली बार 10 फीसदी ज्यादा हैं। रेट नहीं बढ़ाएंगे तो खर्च नहीं निकलता। दशहरे से लेकर दीवाली तक ये 20 दिन का सीजन है। इसमें लड़के सैलरी पर रखने से लेकर अस्थायी दुकान बनाने का भारी भरकम खर्च है।
पटाखा बेचने के लिए कंपीटिशन बहुत ज्यादा है। सरकार ने रेवेन्यू के लिए 150 लोगों को परमिशन दी है। एक दुकान से सरकार को लगभग 1 लाख रुपए का फायदा है।
पहले दुकानें बलटर्न पार्क में लगती थीं तो शहरी लोग भी खरीदारी करने असानी से पहुंच जाते थे। मार्केट शहर से बाहर होने के चलते यहां का रुख कम लोग करते हैं, दूर होने के चलते यहां दुकानदार ही पटाखा खरीदने के लिए पहुंचते हैं।
मार्केट के पास ही पेट्रोल पंप से लेकर रिहायशी एरिया पटाखा मार्केट के पास ही पेट्रोल पंप, रिहायशी एरिया और प्लास्टिक का सामान बनाने वाली फैक्ट्रियां हैं। इसके बावजूद पटाखा व्यापारी दुकानें बनाने में जुटे हैं। जहां इस पटाखा मार्केट का एंट्री गेट बनाया जा रहा है, वहां से केवल 20 मीटर दूर पर ही पेट्रोल पंप है। कुछ लोगों को पटाखा बेचने के लिए लाइसेंस मिल चुके हैं तो कुछ प्रोसैस में हैं।
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