पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र कल यानी 22 से शुरू होगा, जो 27 अक्टूबर तक चलेगा।
पहले दिन दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी जाएगी और गैर-सरकारी कामकाज निपटाया जाएगा। सत्र के दौरान सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल और बेअदबी कानून से जुड़े संशोधनों को लेकर हंगामे के आसार हैं।
सत्र में सरकार की ओर से केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश की जा सकती है। इसके साथ ही अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते के विरोध में भी प्रस्ताव लाए जाने की संभावना है। सरकार ने इस मुद्दे पर आंदोलन कर रहे किसानों का समर्थन करने का वादा किया है। ऐसे में विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा होने की संभावना है।
साल 2026 के दौरान बजट सत्र, दो विशेष सत्र और मानसून सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों में बजट पेश करने, बेअदबी रोकने के लिए सख्त कानून बनाने, सरकार का बहुमत साबित करने और विभिन्न विधेयकों को मंजूरी देने जैसे अहम मुद्दे उठे –
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बजट सत्र (6 से 16 मार्च 2026) – पंजाब विधानसभा का 12वां सत्र 6 मार्च से शुरू हुआ। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने 8 मार्च को बजट पेश किया। सत्र में 7 विधेयकों को मंजूरी मिली। विपक्ष ने राज्य के कर्ज, कानून-व्यवस्था और किसानों के मुद्दों पर सरकार को घेरा।
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पहला विशेष सत्र (13 अप्रैल 2026) – बैसाखी के अवसर पर विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया। इसमें श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी रोकने के लिए सख्त कानून से जुड़े विधेयक पर चर्चा हुई और इसे पारित किया गया।
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दूसरा विशेष सत्र (1 मई 2026) – मजदूर दिवस पर बुलाए गए विशेष सत्र में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सरकार का बहुमत साबित करने के लिए विश्वास प्रस्ताव पेश किया। आम आदमी पार्टी के 88 विधायकों के समर्थन से प्रस्ताव पारित हुआ। इसी दिन सरकार ने न्यूनतम दैनिक मजदूरी 483 रुपये से बढ़ाकर 555.45 रुपये करने की घोषणा की।
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मानसून सत्र (3 से 10 अगस्त 2026) – विधानसभा के 13वें सत्र में विधायी कामकाज तेजी से निपटाया गया। अंतिम दिन 9 विधेयक पारित किए गए, जिनमें कर व्यवस्था, कर्मचारियों से जुड़े प्रावधान, पेड़ों के संरक्षण और निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना से संबंधित विधेयक शामिल थे।