पुलिस की तुरंत कार्रवाई से बच्चे की पहचान हो गई
एक मासूम बच्चे के लिए उसकी मां की गोद दुनिया की सबसे सुरक्षित जगह होती है और एक मां के लिए उसका बच्चा ही उसकी दुनिया होता है, जब कोई छोटा बच्चा अपने परिवार से बिछड़ जाता है, तो परिवार के लिए हर पल चिंता और बेचैनी से भरा होता है।
ऐसे समय में पुलिस की तुरंत मदद न सिर्फ बच्चे को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाती है, बल्कि परिवार को राहत और शांति भी देती है। बठिंडा पुलिस ने भी ऐसी ही संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और मुस्तैदी दिखाते हुए करीब 3 साल के एक लापता बच्चे को सुरक्षित उसकी मां तक पहुंचा दिया।
सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस सुहैल कासिम मीर, IPS, बठिंडा के नेतृत्व में बठिंडा पुलिस लगातार लोगों की सुरक्षा, सेवा और सहायता के लिए प्रयासरत है। पुलिस का कर्तव्य सिर्फ अपराधों को रोकना और कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं है, बल्कि मुश्किल में फंसे नागरिकों की समय पर मदद के लिए पहुंचना भी है। इसी भावना से, डायल 112 के ज़रिए मिली जानकारी पर पुलिस टीमों ने तुरंत एक्शन लिया।
पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया
22 अक्टूबर, 2026 को पुलिस कंट्रोल रूम के इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर 112 पर एक कॉल आया, जिसके ज़रिए जानकारी दी गई कि करीब 3 साल का एक मासूम बच्चा लापता मिला है। इतनी कम उम्र में बच्चे का अपने परिवार से बिछड़ना एक सेंसिटिव स्थिति थी, जिसमें तुरंत एक्शन लेना बहुत ज़रूरी था।
सूचना मिलते ही PCR की पेट्रोलिंग-6 और वास्प्स-5 टीमों के कर्मचारी बिना किसी देरी के मौके पर पहुँचे और हालात का जायज़ा लिया। पुलिस कर्मियों ने बच्चे की सुरक्षा पक्की करते हुए, उसकी पहचान और परिवार के बारे में जानकारी लेने के लिए पूछताछ की। इसके साथ ही, आस-पास के इलाके में वेरिफिकेशन भी किया गया, ताकि बच्चे के परिवार तक जल्द से जल्द पहुँचा जा सके।
पुलिस टीमों द्वारा तुरंत कार्रवाई, पूछताछ और वेरिफिकेशन के बाद बच्चे की पहचान हो गई। इसके बाद बच्चे को सही-सलामत गुरु नानकपुरा मोहल्ला में रहने वाली उसकी मां को सौंप दिया गया। बच्चे का अपने परिवार से मिलना परिवार के लिए बहुत राहत और खुशी का पल था।
माता-पिता के लिए अपने बच्चे की सुरक्षा से ज़्यादा ज़रूरी कुछ नहीं होता। पुलिस की तुरंत कार्रवाई की वजह से बच्चा सही-सलामत अपने परिवार तक पहुंच पाया। यह घटना दिखाती है कि समय पर मिली जानकारी और पुलिस की तुरंत कार्रवाई एक परिवार के लिए कितनी ज़रूरी साबित हो सकती है।
बठिंडा पुलिस लोगों की सेवा और सुरक्षा के लिए कमिटेड
यह घटना लोगों के प्रति बठिंडा पुलिस की ज़िम्मेदारी और नागरिकों की सुरक्षा के लिए की जा रही कोशिशों को दिखाती है। पुलिस का काम सिर्फ कानून लागू करने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि ज़रूरत पड़ने पर हर नागरिक की मदद के लिए तुरंत मौजूद रहना भी है।
खासकर बच्चों से जुड़े मामलों में तुरंत कार्रवाई, सावधानी और संवेदनशीलता सबसे ज़रूरी है। बठिंडा पुलिस आम जनता से अपील करती है कि वे बच्चों की सुरक्षा पर खास ध्यान दें। छोटे बच्चों को पब्लिक जगहों पर अकेला न छोड़ें और उनकी देखभाल पक्की की जाए। अगर किसी को कोई बच्चा लापता या अकेला मिले, तो उन्हें तुरंत पुलिस को बताना चाहिए या इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर 112 पर कॉल करना चाहिए।