कांग्रेस विधायक ने स्पीकर के खिलाफ नोटिस सौंपा

पंजाब कांग्रेस के प्रधान और जालंधर कैट से विधायक परगट सिंह ने राज्य की भगवंत मान सरकार पर बेअदबी कानून (एंटी-सेक्रिलेज एक्ट) के मुद्दे पर पंजाब विधानसभा को गुमराह करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के सम्मानित जत्थेदारों की मौजूदगी में सभी विधायकों की सहमति के बावजूद आम आदमी पार्टी की सरकार इस कानून में आवश्यक बदलाव करने और सदन में चर्चा कराने से पीछे हट रही है। इस मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए परगट सिंह ने पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवान के समक्ष विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पेश किया है।

सरकार की नीयत और कार्यशैली पर सवाल उठाए

परगट सिंह ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट साझा करते हुए सरकार की नीयत और कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बेअदबी से जुड़े कानूनों पर राज्य सरकार का रवैया शुरू से ही ढुलमुल रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले भी विधानसभा से राष्ट्रपति कार्यालय भेजे गए महत्वपूर्ण दस्तावेजों और फाइलों के बारे में सदन के भीतर असत्य जानकारी दे चुके हैं, जो कि लोकतंत्र और विधानसभा की मर्यादा के खिलाफ है।
कांग्रेस विधायक ने बताया कि उन्होंने विधानसभा के सचिव राम लोक खटाना के माध्यम से स्पीकर को मुख्यमंत्री के खिलाफ यह नोटिस सौंपा है। यह पूरा मामला ‘पंजाब एंटी-सेक्रिलेज बिल, 2018’ से जुड़ा हुआ है, जिस पर मुख्यमंत्री पर सदन को जानबूझकर गुमराह करने का आरोप है।
परगट सिंह ने जोर देकर कहा कि पंजाब विधानसभा की गरिमा और साख सही तथ्यों की प्रस्तुति तथा जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर टिकी होती है। पवित्र ग्रंथों की बेअदबी जैसे अत्यंत संवेदनशील मुद्दे पर सदन की गरिमा के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने स्पीकर से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं।
पिछला लेखJalandhar में रेहड़ी वर्कर की संदिग्ध हालत में मौत:दिलकुशा मार्केट में करता था काम, छत पर मिली डेडबॉडी; परिजन बोले-हत्या की गई
अगला लेखJalandhar में पुरानी रंजिश के चलते गाड़ी पर हमला:मोबाइल लेने गया था पीड़ित,दबंगों ने कार के तोड़े शीशे, थाना 5 की पुलिस मामले की जांच में जुटी