Punjab Pro TV (PPTV News): बांग्लादेश की चर्चित लेखिका और मानवाधिकार कार्यकर्ता तसलीमा नसरीन करीब 20 साल बाद कोलकाता लौटी हैं। अपनी वापसी के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने भारत की मौजूदा मोदी सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि वह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में विश्वास करती हैं।
तसलीमा नसरीन ने अपने पुराने अनुभवों को याद करते हुए कहा कि अलग-अलग सरकारों के दौरान उनके साथ अलग-अलग व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि एक सरकार के कार्यकाल में उन्हें कोलकाता छोड़ना पड़ा, जबकि दूसरी सरकार के दौरान उनकी वापसी नहीं हो सकी। अब मौजूदा सरकार के समय भारत लौटने पर उन्होंने खुशी जताई।
लेखिका ने कहा कि उनका मानना है कि भारत की वर्तमान मोदी सरकार अभिव्यक्ति की आजादी में विश्वास करती है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति उनके विचारों से सहमत नहीं है तो वह लोकतांत्रिक तरीके से उनका विरोध कर सकता है, लेकिन किसी की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता छीनना उचित नहीं है।
गौरतलब है कि तसलीमा नसरीन को वर्ष 2007 में उनके लेखन और पुस्तक ‘द्विखंडित’ को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद कोलकाता छोड़ना पड़ा था। इसके बाद से उनकी यह पहली सार्वजनिक यात्रा बताई जा रही है।
तसलीमा नसरीन ने कहा कि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया था और केवल अपने विचार व्यक्त किए थे। उन्होंने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लोकतांत्रिक समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए अपने विचार रखे।








