इस मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए वह पिछले चार महीने से फरार था।

पंजाब विजीलैंस ब्यूरो (वीबी) ने रिश्वतखोरी के विरुद्ध जारी मुहिम के दौरान पुलिस स्टेशन और, जिला शहीद भगत सिंह नगर में तैनात सहायक सब इंस्पेक्टर (एएसआई) प्रशोत्तम लाल को 15,000 रुपए रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए वह पिछले चार महीने से फरार था।

इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए विजीलैंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि यह मामला शिकायतकर्ता देव राज निवासी गाँव गुडापड़, थाना औड़, जिला शहीद भगत सिंह नगर द्वारा उक्त पुलिसकर्मी के विरुद्ध मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार निरोधक एक्शन लाइन पर दर्ज की गई शिकायत की जांच के उपरांत दर्ज किया गया।

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उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसके व उसके बेटों के खिलाफ थाना औड़ में दर्ज मामले में मदद करने की एवज में उक्त एएसआई ने 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।

शिकायतकर्ता ने रिश्वत के पैसे के लेन-देन संबंधी अलग-अलग तारीखों पर उक्त ए.एस.आई. प्रशोत्तम लाल के साथ हुई बातचीत को अपने मोबाइल फोन में रिकार्ड कर लिया था। विजीलैंस ब्यूरो द्वारा की गई जांच के दौरान शिकायतकर्ता से अलग-अलग तारीखों पर 30,000 रुपए रिश्वत मांगने और 15,000 रुपए रिश्वत लेने संबंधी लगाए गए आरोप सिद्ध हुए।

इसके बाद, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और भारती न्याय संहिता की धारा 308 (2) के तहत 30.09.2024 को एफआईआर नंबर 22 आरोपी एएसआई प्रशोत्तम लाल के खिलाफ पुलिस स्टेशन विजिलेंस ब्यूरो, रेंज जालंधर में दर्ज की गई।

जांच के दौरान यह भी पता चला कि उक्त आरोपी एएसआई ने इस शिकायतकर्ता के माध्यम से पुलिस स्टेशन औड़ में दर्ज एक अन्य मुकदमा नंबर 50 दिनांक 01.07.2024 के आरोपी अमनप्रीत उर्फ ​​मनी से तथा मुकदमा नंबर 58 दिनांक 24.07.2024 के आरोपी जोगा राम और हरजिंदर कौर से भी रिश्वत ली थी।

उन्होंने बताया कि आरोपी एएसआई प्रसोत्तम लाल को आज अदालत में पेश किया गया और उसे एक दिन की रिमांड पर लिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।

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