Punjab Pro Tv: ओमान के मस्कट में कथित तौर पर नौकरी के नाम पर फंसी जालंधर और कपूरथला जिलों की दो पंजाबी लड़कियां प्रयासों के बाद सुरक्षित भारत लौट आई हैं। परिवारों के अनुसार, दोनों को विदेश में अच्छी नौकरी और बेहतर वेतन का भरोसा देकर ओमान भेजा गया था, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उन्हें कथित तौर पर परेशानी का सामना करना पड़ा।
दोनों परिवारों ने आरोप लगाया कि उनकी बेटियों के साथ कथित तौर पर प्रताड़ना की गई और उन्हें धमकियां दी गईं। परिवारों का यह भी दावा है कि उनसे अलग-अलग समय पर पैसों की मांग की गई।
संत बलबीर सिंह सीचेवाल से मांगी गई थी मदद
भारत लौटने के बाद दोनों लड़कियां अपने परिवारों के साथ सुल्तानपुर लोधी स्थित निर्मल कुटिया पहुंचीं और संत बलबीर सिंह सीचेवाल का धन्यवाद किया।
परिवारों के मुताबिक, उन्होंने अपनी बेटियों की सुरक्षित वापसी के लिए लिखित अर्जियां देकर मदद मांगी थी। परिवारों ने यह भी बताया कि उनकी बेटियों को ओमान भेजने में कथित तौर पर कुछ महिलाओं की भूमिका ट्रैवल एजेंट के तौर पर थी और इस संबंध में पुलिस को शिकायतें दी गई हैं।
दोनों लड़कियों के अनुसार, उन्हें मुंबई एयरपोर्ट के रास्ते ओमान भेजा गया था।
नौकरी की जगह अलग काम करवाने का आरोप
जालंधर जिले से वापस लौटी लड़की ने बताया कि वह मार्च में ओमान गई थी। उसके अनुसार, मरियम नाम की महिला ने उसे ब्यूटी पार्लर में नौकरी और करीब ₹25,000 से ₹30,000 मासिक वेतन देने का भरोसा दिया था।
परिवार का आरोप है कि ओमान पहुंचने के बाद लड़की का पासपोर्ट कथित तौर पर अपने कब्जे में ले लिया गया और उसे धमकियां दी गईं। परिवार के मुताबिक, अलग-अलग समय पर उससे ₹20,000 और ₹35,000 की मांग की गई।
परिवार ने दावा किया कि बेटी की सुरक्षित वापसी के प्रयासों के दौरान उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ा और यहां तक कि मोटरसाइकिल बेचने की नौबत आ गई।
7 सितंबर को सुरक्षित भारत लौटी लड़की
परिवार के अनुसार, उन्होंने 1 जुलाई को संत बलबीर सिंह सीचेवाल के कार्यालय से संपर्क किया था। इसके बाद लगातार किए गए प्रयासों के बाद जालंधर की लड़की 7 सितंबर को सुरक्षित भारत लौट आई।
मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित ट्रैवल एजेंट या अन्य आरोपियों का पक्ष सामने आने के बाद मामले की पूरी तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस शिकायतों के आधार पर आगे की कार्रवाई भी महत्वपूर्ण होगी।








