US Strikes Iran, Tehran Claims Retaliatory Attacks on American Bases
The US reportedly carried out missile and drone strikes on 140 locations across Iran on Sunday. Iran’s IRGC claimed it retaliated by targeting US military bases in Kuwait and Bahrain, though the claims remain unverified. Iran also vowed to defend the Strait of Hormuz, calling it a vital national security interest.
Punjab Pro Tv: मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। America द्वारा Iran के विभिन्न क्षेत्रों में 140 ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए जाने के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई का दावा किया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के अनुसार, सोमवार को कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
IRGC के बयान के मुताबिक, कुवैत स्थित अली अल-सलेम एयरबेस पर ईंधन टैंक और पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया गया। इसके अलावा अहमद अल-जाबेर एयरबेस के रडार सिस्टम पर भी हमला करने का दावा किया गया है।
इससे पहले IRGC ने बहरीन के शेख ईसा एयरबेस पर भी हमले का दावा किया था। संगठन के अनुसार, इस कार्रवाई में हेलिकॉप्टर रखरखाव केंद्र, P-8 समुद्री निगरानी विमान के हैंगर और America सेना के ड्रोन कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को निशाना बनाया गया।
अमेरिका ने किन क्षेत्रों में किए हमले
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने रविवार को ईरान के कई रणनीतिक इलाकों में मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इनमें किश्म, सीरिक, बंदर अब्बास, जास्क, बुशेहर, खोंदाब, बंदर महशहर, बेहबहान, अंदीमेश्क, देजफुल, अहवाज, अबादान और खुर्रमशहर सहित कुल 140 ठिकाने शामिल बताए गए हैं।
होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का कड़ा रुख
इस बीच, ईरान के सुप्रीम लीडर के सलाहकार मोहसिन रेजाई ने होर्मुज स्ट्रेट को देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है। ISNA न्यूज एजेंसी के अनुसार, रेजाई ने कहा कि “होर्मुज स्ट्रेट ईरान के लिए कई परमाणु बमों से भी अधिक महत्वपूर्ण है और इसकी हर हाल में रक्षा की जाएगी।”
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस क्षेत्र में बढ़ता तनाव अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और वैश्विक सुरक्षा के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है।
आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
हालांकि, समाचार लिखे जाने तक अमेरिका, कुवैत और बहरीन की ओर से ईरान के इन हमलों के दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। स्वतंत्र स्रोतों से भी इन दावों का सत्यापन नहीं हो सका है। क्षेत्र में स्थिति पर दुनिया भर की नजर बनी हुई है।













