कपूरथला में शुक्रवार तड़के युवक की गोली मार कर हत्या कर दी गई।
कार में ड्राइवर बैठा हुआ था, इसी दौरान हमलावर आए और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। जिससे वह बाहर भी नहीं निकल पाया और सीट पर ही लुढ़क गया।
मृतक की पहचान गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी निवासी गांव जैरामपुर के रूप में हुई है। गोपी गैंगस्टर सुक्खा काहलवां का राइट हैंड था और काहलवां मर्डर केस में अंतिम गवाह था। इससे पहले सभी गवाह मुकर चुके थे, लेकिन गोपी नहीं मुकरा था। उधर, डोनी बल ने मर्डर की जिम्मेदारी ली है।
गैंगस्टर सुक्खा काहलवां का राइट हैंड गोपी, जो काहलवां मर्डर केस में अंतिम गवाह था।
एवन पैलेस के पास कार में बैठा था गोपी
जानकारी के अनुसार, कपूरथला के ढिलवां क्षेत्र में जीटी रोड पर एवन पैलेस पास गुरप्रीत सिंह अपनी कार में ड्राइवर सीट पर बैठा हुआ था। इसी दौरान हमलावरों ने सामने से कार के शीशे पर फायरिंग कर दी। गोली सीधे गुरप्रीत को लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही थाना ढिलवां पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शुक्रवार तड़के करीब 3:45 बजे सिविल अस्पताल कपूरथला के मोर्चरी में रखवा दिया।
डोनी बल ने पोस्ट डालकर मर्डर की जिम्मेदारी ली
उधर, सोशल मीडिया पर डोनी बल ने पोस्ट डाल कर मर्डर की जिम्मेदारी ली। पोस्ट में लिखा- सत श्री अकाल जी, मेरे सारे भाइयों को। आज जो ढिलवां गोपी निज्जर का कत्ल हुआ है, इसकी जिम्मेदारी मैं डोनी बल, मोहब्बत रंधावा, अमर खाबे, प्रभ दस्सुवाल, बिल्ला मंगा और शगनप्रीत लेते हैं। यह हमारे एंटी जग्गू और लॉरेंस के साथ जुड़ा हुआ था। सिद्धू मूसेवाला के मर्डर पर भी इसने खुशी मनाई थी। इसने हमारे भाई गोरे के कातिलों को पनाह दी थी और हमारे भाई विक्की गौंडर के बारे में भी सोशल मीडिया पर बुरा बोलता था। आज हमने इसे मार के अपने भाइयों का बदला लिया है। यह बंदा हमारे भाइयों के घरों में 40-40 बंदे लेकर जाता था। बाकी हम बता देना चाहते हैं कि जो भी हमारे बारे में बकवास करते फिरते हैं, वह भी अपनी तैयारी रखें। वाहेगुरु मेहर करे। वेट एंड वॉच…टू वी कॉन्टीन्यू…31 और बचे। हांलाकि दैनिक भास्कर इस पोस्ट की पुष्टी नहीं करता है।
2015 में हुई थी सुक्खा की हत्या
दोनों हाथों से एक साथ फयरिंग में माहिर गैंगस्टर काहलवां हत्या, अपहरण और हफ्ता वसूली के 20 से अधिक मामलों में संलिप्त था। तीन राज्यों में उसके खिलाफ केस दर्ज थे। वह शार्पशूटर के नाम से जाना जाता था। काहलवां की एक और गिरोह के सरगना विक्की गौंडर और उसके साथियों ने 22 जनवरी 2015 को गोली मारकर हत्या की थी। वारदात को उस समय अंजाम दिया गया था, जब कहलवां को जालंधर की अदालत में सुनवाई के बाद पटियाला की नाभा जेल ले जाया जा रहा था।