Ludhiana/Raikot News: पंजाब के रायकोट में कथित Contract Marriage Fraud का मामला सामने आया है। पति और ससुराल पक्ष से करीब ₹50.61 लाख खर्च करवाने के आरोपों का सामना कर रही एक महिला को सात साल बाद भारत लौटने पर दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला कनाडा में रह रही थी और पासपोर्ट रिन्यू करवाने के सिलसिले में भारत आई थी। थाना सदर रायकोट की पुलिस उसे दिल्ली से लुधियाना लेकर आई, जहां अदालत ने उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
कनाडा भेजने के लिए हुआ था Agreement
जानकारी के मुताबिक, रायकोट के गांव बोपाराए खुर्द निवासी हरप्रीत सिंह रोजगार के सिलसिले में दुबई में रहता था। वर्ष 2019 में संगरूर जिले के गांव दुग्गा निवासी परमजीत सिंह ने अपनी बेटी जसप्रीत कौर का रिश्ता हरप्रीत सिंह से तय करवाया।
बताया गया है कि दोनों परिवारों के बीच सहमति बनी थी कि हरप्रीत का परिवार जसप्रीत को स्टडी वीजा पर कनाडा भेजने का खर्च उठाएगा। इसके बाद जसप्रीत कनाडा से अपने पति को Spousal Visa के जरिए वहां बुलाने में मदद करेगी। इस संबंध में रायकोट की अदालत परिसर में 500 रुपये के स्टांप पेपर पर लिखित Agreement भी किया गया था।
जमीन बेचकर खर्च किए ₹50.61 लाख
शिकायत के अनुसार, हरप्रीत के परिवार ने जमीन बेचकर कॉलेज फीस, वीजा, शादी, गहनों और विदेशी मुद्रा सहित विभिन्न मदों पर करीब ₹50,61,000 खर्च किए।
दोनों की शादी 1 सितंबर 2019 को हुई थी। इसके बाद 30 नवंबर 2019 को जसप्रीत कौर कनाडा चली गई।
कनाडा पहुंचने के बाद पैसे मांगने का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कनाडा पहुंचने के बाद जसप्रीत ने कॉलेज बदलने के नाम पर परिवार से और पैसे मांगे। जब हरप्रीत ने शादी के Registration की प्रक्रिया पूरी करने के लिए उसकी भारत आने की टिकट करवाई, तो उसने भारत आने से इनकार कर दिया।
इसके बाद कथित तौर पर जसप्रीत ने अपने पति का फोन नंबर Block कर दिया। परिवार के अनुसार, बाद में संपर्क करने की कोशिशों का भी कोई नतीजा नहीं निकला।
7 साल बाद भारत लौटी, Airport पर गिरफ्तारी
पुलिस के मुताबिक, करीब सात साल बाद भारत लौटने पर महिला को दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया। इसके बाद थाना सदर रायकोट की पुलिस उसे लुधियाना लेकर आई। अदालत ने आरोपी महिला को दो दिन के Police Remand पर भेज दिया है।
पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है। महिला पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होनी बाकी है।








