Jalandhar News: पंजाब के जालंधर में नगर निगम ने Property Tax की वसूली तेज करने के लिए करीब 60 हजार डिफॉल्टर्स के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। निगम जल्द ही बकाया प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली के लिए Sealing अभियान शुरू कर सकता है। अब तक निगम 40 करोड़ रुपये से अधिक का प्रॉपर्टी टैक्स वसूल चुका है, लेकिन अधिकारियों का मानना है कि टैक्स से होने वाली आय बढ़ाने की अभी काफी गुंजाइश है।
60 हजार Property Tax Defaulters निगम के निशाने पर
जानकारी के अनुसार, नगर निगम कमिश्नर Surinder Singh ने प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली को प्राथमिकता देते हुए डिफॉल्टर्स की पहचान करने के निर्देश दिए हैं। पदभार संभालने के बाद सितंबर महीने में उन्होंने पंजाब सरकार से उन प्रॉपर्टी मालिकों की सूची मांगी थी, जिन्होंने टैक्स जमा नहीं करवाया है।
इसके बाद सरकार की ओर से निगम को करीब 10 हजार डिफॉल्टर्स की सूची उपलब्ध करवाई गई। वहीं, निगम अधिकारियों ने अपने स्तर पर लगभग 50 हजार अन्य प्रॉपर्टी मालिकों की पहचान की है, जो कथित तौर पर प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं करवा रहे हैं।
इस तरह कुल मिलाकर करीब 60 हजार Property Tax Defaulters निगम के निशाने पर हैं।
40 करोड़ रुपये से ज्यादा की Tax Collection
नगर निगम अब तक प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में 40 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली कर चुका है। इसके बावजूद निगम प्रशासन का मानना है कि बकाया टैक्स की वसूली बढ़ाकर राजस्व में और इजाफा किया जा सकता है।
इसी उद्देश्य से डिफॉल्टर्स की पहचान और बकाया टैक्स की वसूली पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रस्तावित Sealing अभियान के तहत नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
शहर में 3 लाख से ज्यादा Properties की पहचान
नगर निगम ने कुछ समय पहले शहर की 3 लाख से अधिक प्रॉपर्टीज के बाहर UID Number Plates लगवाई थीं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इनमें से करीब 1.75 लाख प्रॉपर्टीज प्रॉपर्टी टैक्स के दायरे में आती हैं।
इनमें से लगभग 1.25 लाख प्रॉपर्टी मालिक टैक्स जमा करवा रहे हैं, जबकि करीब 50 हजार प्रॉपर्टी मालिकों के टैक्स जमा नहीं करवाने की बात सामने आई है।
नगर निगम का उद्देश्य टैक्स वसूली में सुधार करना और बकाया राशि जमा करवाना है। आने वाले दिनों में डिफॉल्टर्स के खिलाफ कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।








