मोहाली स्थित गमाडा (GMADA) के दफ्तर में मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रेड की सूचना है।

सूत्रों के मुताबिक, ईडी की टीमें तीन गाड़ियों में यहां पहुंची हैं। इस दौरान जालंधर, चंडीगढ़ और दिल्ली की टीमें कार्रवाई में शामिल हैं। ईडी की टीमों ने दफ्तर में जांच शुरू कर दी है और मामले से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है।
फिलहाल, ईडी की ओर से कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। ईडी ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी में हुए करीब ₹150 करोड़ के चेंज ऑफ लैंड यूज (CLU) घोटाले और फीस चूक मामले में सनटेक सिटी (न्यू चंडीगढ़) समेत कई प्रोजेक्टों की जांच कर रही है। इन प्रोजेक्टों को लेकर पिछले समय में दो बिल्डरों के ठिकानों पर भी रेड हुई थी। माना जा रहा है कि यह सारी कार्रवाई उसी मामले से जुड़ी है।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) टीम की गाड़ियां।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) टीम की गाड़ियां।
इन अफसरों से भी हो चुकी है पूछताछ…
  • आईएएस अधिकारी कंवलप्रीत बराड़ से पूछताछ: आईएएस अधिकारी कंवलप्रीत बराड़ से 18 अगस्त और 27 अगस्त को पूछताछ हुई थी। 18 अगस्त को उनसे करीब 8 से 9 घंटे तक पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई थी। वह टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की पूर्व निदेशक रह चुकी हैं।
  • पूर्व मुख्य सचिव अनुराग वर्मा भी पेश हुए: पूर्व मुख्य सचिव अनुराग वर्मा भी 9 सितंबर 2026 को ईडी के जालंधर जोनल ऑफिस में पेश हुए थे। रिपोर्टों के मुताबिक, उनसे 8 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ हुई थी। उस समय वह आवास एवं शहरी विकास विभाग के प्रमुख थे।
  • मोहाली के एसएसपी को समन: मोहाली के SSP को 10 सितंबर 2026 को ईडी ने समन जारी किया था। उनसे रिकॉर्ड और जांच से जुड़ी जानकारी मांगी गई थी।
4 महीने से एक्शन मोड में ED गमाडा के प्रोजेक्टों पर ईडी की नजर 4 महीने से है। इससे पहले 7 मई 2026 को मोहाली के खरड़ स्थित वेस्टर्न टावर्स सोसाइटी के फ्लैट नंबर 906 में ईडी ने रेड की थी। इस दौरान फ्लैट की नौवीं मंजिल से कैश से भरे दो बैग नीचे फेंके गए थे। इससे 500 रुपए के नोट नीचे बिखर गए थे। कार्रवाई में करीब 21 लाख रुपए कैश बरामद होने की बात सामने आई थी।
12 ठिकानों पर की गई कार्रवाई का हिस्सा यह कार्रवाई सनटेक सिटी प्रोजेक्ट और सीएलयू से जुड़े कथित घोटाले के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मोहाली और चंडीगढ़ के करीब 12 ठिकानों पर की गई कार्रवाई का हिस्सा बताई गई थी। यह फ्लैट नितिन गोहल उर्फ नितिन कुमार गोहिल से जुड़ा बताया गया था। इस कार्रवाई पर राजनीति गरमा गई थी। क्योंकि उस समय रेड मंत्री अमन अरोडा का नाम जोड़ा गया था। बिल्डर को उनको करीबी बताया था। मंत्री ने प्रेस कांफ्रेंस कर सारे सवालों का जवाब दिया था।
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