शिरोमणि अकाली दल ने आज बुर्ज अकाली फूला सिंह में आयोजित विशेष इजलास में अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह को अपना नया अध्यक्ष घोषित कर दिया है।

पंजाब की सियासत में एक बड़ा भूचाल आया है। शिरोमणि अकाली दल ने आज बुर्ज अकाली फूला सिंह में आयोजित विशेष इजलास में अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह को अपना नया अध्यक्ष घोषित कर दिया है।
अकाली नेतृत्व में नया चेहरा, पंथक सोच को मिली मजबूती
ज्ञानी हरप्रीत सिंह का राजनीतिक क्षेत्र में पदार्पण एक नई दिशा की ओर इशारा करता है। लंबे समय तक धार्मिक नेतृत्व में सक्रिय रहने के बाद अब उन्होंने राजनीतिक मंच पर कदम रखा है। पार्टी के डेलीगेट्स ने सर्वसम्मति से उन्हें अध्यक्ष चुनकर साफ कर दिया है कि शिरोमणि अकाली दल (बागी) अब एक नई विचारधारा और नेतृत्व के साथ आगे बढ़ेगा।
बीबी सतवंत कौर बनीं पंथक परिषद की अध्यक्षा
इजलास में दूसरा बड़ा निर्णय बीबी सतवंत कौर को लेकर लिया गया, जिन्हें पंथक परिषद की अध्यक्षा चुना गया है। इस कदम को महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और पंथक सिद्धांतों को राजनीतिक एजेंडे में प्राथमिकता देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
संगठनात्मक ढांचे का पुनर्गठन शुरू
इस इजलास से पहले ही 2 दिसंबर को अकाल तख्त साहिब की फसील से गठित 7 सदस्यीय भर्ती कमेटी ने सक्रियता दिखाते हुए पार्टी ढांचे के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। इन सदस्यों ने राज्यभर में समर्थकों को संगठित कर डेलीगेट्स का चुनाव कराया और आज उसी प्रक्रिया के तहत नया नेतृत्व चुना गया।
सुखबीर बादल के लिए खतरे की घंटी?
यह घटनाक्रम शिरोमणि अकाली दल (बादल) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। पार्टी के भीतर लंबे समय से उठ रही बगावती आवाजें अब संगठित रूप ले चुकी हैं। इससे आने वाले विधानसभा चुनावों में पार्टी की रणनीति और जनाधार पर गंभीर असर पड़ सकता है।
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