Jalandhar में बस्ती अड्डा चौक स्थित श्री हनुमान मंदिर के पास एक चलती एक्टिवा में अचानक भीषण आग लग गई।
देखते ही देखते आग की लपटों ने पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। राहत की बात यह रही कि चालक ने समझदारी दिखाते हुए तुरंत एक्टिवा से कूदकर अपनी जान बचा ली और वाहन को सड़क किनारे गिरा दिया। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। इस हादसे में वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गया है, लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई।
चलती एक्टिवा में अचानक उठीं लपटें
मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार को एक एक्टिवा चालक बस्ती अड्डा चौक के पास स्थित प्रसिद्ध श्री हनुमान मंदिर के पास से गुजर रहा था। इसी दौरान चलती हुई एक्टिवा से अचानक धुआं निकलने लगा।
चालक जब तक कुछ समझ पाता, तब तक वाहन के निचले हिस्से से तेज आग की लपटें उठने लगीं। चालक ने बिना समय गंवाए मुस्तैदी दिखाई और तुरंत चलती एक्टिवा को सड़क के किनारे फेंक दिया और खुद दूर हट गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
तेज हवाओं ने आग को और भड़काया
घटना के समय चल रही तेज हवाओं के कारण आग ने बेहद भयानक रूप ले लिया। महज कुछ ही मिनटों में आग इतनी तेजी से फैली कि पूरी एक्टिवा आग के गोले में तब्दील हो गई।
आस-पास के दुकानदारों और राहगीरों में अचानक हुई इस घटना से हड़कंप मच गया। सड़क पर गाड़ियों की रफ्तार थम गई और लोग दहशत में आ गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत बाल्टियों में पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन लपटें इतनी तेज थीं कि उन पर काबू पाना मुश्किल हो गया।
दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड और पुलिस कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ी बिना कोई देरी किए मौके पर पहुंच गई।
फायर ब्रिगेड अधिकारी नरेश कुमार ने बताया कि उन्हें कंट्रोल रूम के माध्यम से बस्ती अड्डा चौक पर हनुमान मंदिर के पास एक्टिवा में आग लगने की कॉल मिली थी। उनकी टीम ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर एक दमकल गाड़ी की मदद से मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया।
बड़ा हादसा टला, वाहन पूरी तरह राख
हादसे के बाद सड़क पर थोड़ी देर के लिए यातायात प्रभावित हुआ, लेकिन दमकल टीम और स्थानीय पुलिस ने स्थिति को संभाल लिया। इस घटना में सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि एक्टिवा चालक पूरी तरह सुरक्षित है और किसी भी राहगीर को कोई चोट नहीं आई। हालांकि, आग इतनी भीषण थी कि एक्टिवा पूरी तरह जलकर ढांचा बन चुकी है।