20 सेकंड के वीडियो में 2 निहंग युवक के दोनों हाथ पकड़कर उसे अपने बीच खड़ा किए हुए दिखाई दे रहे हैं, जबकि एक निहंग उसे डंडे से पीटता और दूसरा थप्पड़ मारता नजर आ रहा है।
वीडियो दशमेश तरना दल के निहंग बाबा गुरदीप सिंह के सोशल मीडिया पेज से अपलोड किया गया है। बाबा गुरदीप सिंह का दावा है कि युवक के नशा बेचने की सूचना मिलने के बाद उसके खिलाफ कार्रवाई की गई।
दो निहंग युवक के हाथ पकड़े, तीसरे ने डंडे मारे, फिर एक ने थप्पड़ जड़े।
जानिए वीडियो में क्या दिख रहा…
युवक की दोनों बाहें पकड़कर खड़े: 20 सेकंड के वीडियो में दो निहंग एक युवक की दोनों बाहें पकड़कर खड़े दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान एक निहंग युवक को डंडे से मारता है, जिससे युवक की चीखें निकल जाती हैं। इसके बाद हाथ पकड़े खड़े दोनों निहंग युवक को थप्पड़ मारते दिखाई देते हैं।
नशा बेचने की सूचना मिली: वीडियो को लेकर निहंग बाबा गुरदीप सिंह का कहना है कि जिस युवक की पिटाई की गई, उसके नशा बेचने की सूचना उन्हें और उनके उनके साथी निहंगों को मिली थी। उनके मुताबिक, अमृतसर के एक गांव में रहने वाले किसी व्यक्ति ने उन्हें गुप्त रूप से इस संबंध में जानकारी दी थी। इसके बाद निहंगों की ओर से युवक के खिलाफ कार्रवाई की गई।
गांव का नाम बताने से निहंग का इनकार
निहंग बाबा गुरदीप सिंह ने बताया कि यह वीडियो अमृतसर के किसी गांव का है। हालांकि, जब उनसे गांव का नाम पूछा गया तो उन्होंने यह जानकारी बताने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि लोग उन्हें गुप्त रूप से कई मामलों की जानकारी देते हैं। ऐसे में सूचना देने वाले लोगों की पहचान और उनसे जुड़ी कुछ जानकारियां सार्वजनिक नहीं की जा सकतीं। उन्होंने 4 अक्टूबर को ये वीडियो इंस्ट्राग्राम पर पोस्ट किया था।
निहंग गुरदीप सिंह।
नशे के खिलाफ अभियान चला रहा दशमेश तरना दल
नशे से दूर रहने के लिए जागरूक किया जा रहा: निहंग गुरदीप सिंह के मुताबिक, दशमेश तरना दल की ओर से मौजूदा मुखी बाबा मेजर सिंह सोढ़ी की अगुवाई में नशे के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत गांव-गांव जाकर सिख संगत और लोगों को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
सामान्य जीवन जीने के लिए समझाया जा रहा: वीडियो और अन्य माध्यमों के जरिए भी लोगों को नशे की लत से बाहर निकलकर सामान्य जीवन जीने के लिए समझाया जा रहा है। जो लोग नशे की गिरफ्त से खुद बाहर नहीं निकल पा रहे हैं, उनके पास जाकर उन्हें समझाया और दोबारा सामान्य जीवन में लौटने के लिए प्रेरित किया जाता है।
नशे की बीमारी का अंत मौत है: गुरदीप सिंह ने कहा कि नशे की बीमारी का अंत मौत है। उन्होंने नशा बेचने और नशा करने वालों को चेतावनी दी कि सुधर जाएं, नहीं तो उन्हें अपने तरीके से सुधारने का काम किया जाएगा।