ईरानी के मुताबिक ओमान के साथ नए समुद्री मार्ग को लेकर उसकी बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है.

ईरान ने नया दावा किया है कि उसने होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही के लिए ओमान के साथ एक नए समुद्री मार्ग पर सहमति बना ली है. यह डील अब अपने अंतिम स्टेज में है. हालांकि, ईरान ने यह भी साफ किया है कि यह समझौता समुद्री सुरक्षा की गारंटी नहीं देता है. ईरान ने यह भी कहा है कि अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी और सैन्य गतिविधियां अब भी क्षेत्र में तनाव की सबसे बड़ी वजह हैं.
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा कि ओमान के साथ नए समुद्री मार्ग को लेकर बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच जियोग्राफिकल कॉर्डिनेट्स पर सहमति बन गई है. हालांकि उन्होंने समझौते की डिटेल के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी.

ईरान ने अमेरिका पर सुरक्षा व्यवस्था बिगाड़ने का आरोप

बकाई ने कहा कि हॉर्मुज स्ट्रेट इस समझौते के बाद भी सुरक्षित नहीं माना जा सकता. अब भी अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक घेराबंदी कर रखी है. उनका आरोप है कि अमेरिका की आक्रामक सैन्य गतिविधियां और प्रतिबंध समुद्री व्यापार को प्रभावित कर रहे हैं. फिलहाल, ईरान के बयान और पूरे प्रस्ताव परअमेरिका और ओमान की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच फिर बंद हो गया था होर्मुज स्ट्रेट

अमेरिका और इजरायल की तरफ से फरवरी में ईरान पर किए गए हमलों के बाद तेहरान ने हॉर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए थे. हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर के समझौते के बाद होर्मुज स्ट्रेट को खोला गया था. हालांकि, जुलाई महीने में दोनों देशों के बीच फिर से सैन्य टकराव बढ़ गया. इसके बाद ईरान ने फिर से होर्मुज से जहाजों की आवाजाही पर रोक लगा दी. बता दें कि यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल और एलएनजी (LNG) व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत गुजरता है.

ट्रंप ने ईरान को दी थी कड़ी चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार यानी 04 अगस्त को चेतावनी दी थी कि अग हॉर्मुज स्ट्रेट को बहुत जल्द नहीं खोला गया तो ईरान को बहुत गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. इससे पहले अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिए थे कि जहाजों की आवाजाही बहाल करने को लेकर बातचीत में प्रगति हुई है. हालांकि ईरान लगातार कहता रहा है कि वह अमेरिका के साथ किसी तरह की सीधी वार्ता नहीं कर रहा है.

ईरान ने कहा- अस्थायी रहेगा नया समुद्री मार्ग

ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने सरकारी समाचार एजेंसी इरना से कहा कि ओमान के साथ तय किया गया नया समुद्री मार्ग अस्थायी होगा और दो से चार महीने तक लागू रह सकता है. हालांकि उन्होंने भी इसके संचालन से जुड़ी तकनीकी डिटेल्स जारी नहीं की हैं.

जहाजों से ट्रांजिट शुल्क बना हुआ है सबसे बड़ा विवाद

हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच सबसे बड़ा विवाद ट्रांजिट फीस को लेकर बना हुआ है. रिपोर्टों के मुताबिक ईरान चाहता है कि जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाज अपने माल की कीमत का 5 से 7 प्रतिशत शुल्क दें. वहीं ओमान करीब 3 प्रतिशत शुल्क का पक्षधर है, जबकि अमेरिका किसी भी तरह की फीस के पूरी तरह खिलाफ है.रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित व्यवस्था लागू होने पर फारस की खाड़ी में प्रवेश करने वाले जहाजों पर ईरान का नियंत्रण भी बढ़ सकता है.
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