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पंजाब कर विभाग ने वैट बकाया वसूली अभियान में लाई तेजी: संपत्ति की नीलामी से 1.21 करोड़ रुपये की वसूली: हरपाल सिंह चीमा

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Minister Harpal Singh Cheema

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बकायेदार डीलरों से सख्त कार्रवाई से पहले ओ.टी.एस. योजना का लाभ उठाने की अपील की

Punjab Pro TV (PPTV News): पंजाब कर विभाग ने पटियाला जिले में संपत्तियों की नीलामी के माध्यम से वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) के बकाया की वसूली अभियान में बड़ी सफलता हासिल करते हुए 1.21 करोड़ रुपये की वसूली की है। इसके साथ ही एकमुश्त निपटान (ओ.टी.एस.) योजना के तहत 18.46 लाख रुपये तत्काल जमा करवाए गए। इन हालिया उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए पंजाब के वित्त, कर एवं आबकारी मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज राज्यभर के सभी पात्र बकायेदार डीलरों से अपील की कि वे 31 जुलाई की अंतिम तिथि से पहले ओ.टी.एस. योजना के तहत अपने लंबे समय से लंबित बकाया का निपटारा कर लें, अन्यथा उन्हें संपत्ति कुर्की और सार्वजनिक नीलामी जैसी सख्त वसूली कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

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जारी प्रेस बयान में सफल वसूली मामलों का विवरण देते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया, “पटियाला जिले में मैसर्स गुरुजी फीड्स, राजपुरा, पर कुल 57.78 लाख रुपये का कर बकाया था। इसकी संपत्ति की नीलामी 27 जुलाई 2026 को निर्धारित की गई थी। नीलामी प्रक्रिया शुरू होने के बाद डीलर ने ओ.टी.एस. योजना के लाभकारी प्रावधानों का लाभ उठाते हुए मामले के निपटारे के लिए 18.46 लाख रुपये जमा करवा दिए।” उन्होंने कहा कि यह मामला इस योजना के तहत पात्र बकायेदारों को मिलने वाली बड़ी राहत को दर्शाता है और यह साबित करता है कि समय पर निपटारा करने से कारोबारी अपनी संपत्तियों की कुर्की और जबरन बिक्री से बच सकते हैं।

एक अन्य बड़ी कार्रवाई का उल्लेख करते हुए आबकारी एवं कर मंत्री ने बताया कि विभाग ने मैसर्स समाना रोलर फ्लोर मिल लिमिटेड की संपत्ति की सफलतापूर्वक 1.21 करोड़ रुपये में नीलामी की, जो इसकी 74.31 लाख रुपये की आरक्षित कीमत से लगभग 46.69 लाख रुपये अधिक है। उन्होंने कहा, “नीलामी की निर्धारित प्रक्रिया का पूरी सख्ती से पालन करते हुए नीलामी वाले दिन ही सबसे अधिक बोली लगाने वाले से सफल बोली का 25 प्रतिशत अर्थात 30.25 लाख रुपये तत्काल वसूल कर लिए गए।”

कर विभाग के अधिकारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि ये दोनों मामले राज्य के सभी वैट बकायेदारों के लिए स्पष्ट संदेश हैं। उन्होंने कहा, “जहां ओ.टी.एस. योजना बेहद लाभकारी शर्तों पर बकाया निपटाने का सुनहरा अवसर प्रदान करती है, वहीं इस अवसर का लाभ नहीं उठाने वालों के खिलाफ सख्त वसूली कार्रवाई की जाएगी। नीलामी प्रक्रिया के दौरान मैसर्स गुरुजी फीड्स द्वारा किया गया निपटारा इस बात का प्रमाण है कि यह योजना व्यवहारिक समाधान उपलब्ध कराती है। पात्र डीलरों को सरकार की सख्त कार्रवाई का इंतजार करने के बजाय स्वयं आगे आना चाहिए।”

आबकारी एवं कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने 31 जुलाई 2026 को ओ.टी.एस. योजना की अवधि समाप्त होने से पहले सभी पात्र बकाया मामलों का निपटारा करने की जोरदार अपील की। उन्होंने चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया कि समय सीमा समाप्त होने के बाद किसी प्रकार की कोई राहत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा, “जो बकायेदार निर्धारित तिथि तक योजना के तहत अपना बकाया जमा नहीं करेंगे, उनके विरुद्ध बिना किसी समझौते के कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें उनकी चल एवं अचल संपत्तियों की तत्काल कुर्की और नीलामी भी शामिल होगी।”

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने दोहराया कि कर विभाग सरकारी राजस्व की सुरक्षा के लिए पूरी पारदर्शिता, दृढ़ता और निष्पक्षता के साथ राज्यव्यापी वसूली अभियान जारी रखेगा।

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