मीरी पीरी खालसा मार्च आज गुरुद्वारा श्री बाउली साहिब श्री गोइंदवाल साहिब से अगले पड़ाव के लिए रवाना हुआ।
इस मौके पर इलाके और आस-पास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और मीरी पीरी खालसा मार्च में हिस्सा लिया। इस गुरमत इवेंट में शिरोमणि कमेटी के प्रेसिडेंट एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी समेत कई जानी-मानी हस्तियां शामिल हुईं।
इवेंट के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि शिरोमणि कमेटी का मकसद सिख युवाओं को गुरमत और सिख सिद्धांतों से जोड़ना और उन्हें नशों जैसी बीमारियों से दूर करना है। इसी मकसद से हर चुनाव क्षेत्र में ऐसे इवेंट प्लान किए गए हैं। आज सिखों को गुरबानी से अलग करने की कोशिशें की जा रही हैं और इसके लिए सिख विरोधी ताकतें हर तरीका इस्तेमाल कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि हमारा इतिहास और बैकग्राउंड दुनिया में सबसे अलग है। हमारी अरदास का हर शब्द गुरु साहिबों की कुर्बानियों, संघर्षों और आशीर्वाद का निचोड़ है। हम शहीदों, सिंह-सिंहों, पाँचों तख्तों, गुरु घर की सेवाओं और पूरे खालसा पंथ को याद करते हैं और आखिर में ‘नानक नाम चढ़दी कला, तेरे भाने सरबत दा भला’ की प्रार्थना करते हैं। यह संदेश सिर्फ़ सिखों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत के लिए है।
हरजिंदर सिंह धामी ने आगे कहा कि यह भी हमारी खासियत है कि हम गुरु साहिब से विरासत में मिले श्री अकाल तख्त साहिब को समर्पित हैं। यह सच्चे राजा का तख्त है, जहाँ बड़े-बड़े लोगों ने सिर झुकाया है। राजनीतिक ताकतें समय के साथ बदलती हैं, लेकिन गुरु ग्रंथ साहिब और श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता हमेशा रहने वाली और अटूट है। आज जब सिख सिद्धांतों और पंथिक संस्थाओं को कमज़ोर करने की कोशिशें हो रही हैं, तो हमारी ज़िम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि हम गुरु ग्रंथ साहिब, श्री अकाल तख्त साहिब और गुरु पंथ की लीडरशिप में अटूट विश्वास रखें। यही हमारी ताकत है और यही हमारी पहचान है। उन्होंने संगत को गुरमत के अनुसार जीवन जीने और अमृत धारी बनने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस मौके पर शिरोमणि कमेटी के सदस्य स. रविंदर सिंह चक ने भी गुरमत समागम में सहयोग के लिए संगत का धन्यवाद किया। इस दौरान आयोजकों ने शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी और अन्य हस्तियों को सम्मानित भी किया।