पंजाब सरकार का कहना है कि शिक्षा और रोजगार केवल चुनावी वादे नहीं, बल्कि भविष्य निर्माण का सबसे बड़ा माध्यम हैं.
मुख्यमंत्री भगवंत मान का स्पष्ट संदेश है कि पंजाब में सरकारी नौकरी केवल मेहनत, योग्यता और मेरिट के आधार पर मिलेगी. अब तक मान सरकार 70 हज़ार युवाओं को नौकरी दे चुकी है. नकल माफिया और भ्रष्टाचार के लिए इस सरकार में कोई जगह नहीं है.
सीएम भगवंत मान ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में पंजाब में एक भी पेपर लीक न होना इस बात का संकेत है कि सरकार भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए लगातार काम कर रही है. जब भी किसी ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश की, कानून ने तुरंत कार्रवाई की.
लाखों युवाओं के लिए सबसे बड़ा भरोसा
उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी का सपना देखने वाले लाखों युवाओं के लिए सबसे बड़ा भरोसा यही है कि उनकी मेहनत का हक कोई छीन न सके. पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार लगातार यही भरोसा मजबूत कर रही है.
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जांच में ये भी सामने आया कि किसी अधिकारी की संलिप्तता नहीं थी. यानी सरकार की परीक्षा प्रणाली सुरक्षित रही और नकल की कोशिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया.
पूरी साजिश का समय पर पर्दाफाश
हालिया फार्मेसी अधिकारी भर्ती परीक्षा के दौरान कुछ लोगों ने हाई-टेक पेन कैमरा, वायरलेस ईयरपीस और मॉडिफाइड मोबाइल के जरिए नकल कराने की साजिश रची. लेकिन पंजाब पुलिस ने परीक्षा के दौरान ही पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया. 31 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 21 उम्मीदवार और 10 हैंडलर शामिल हैं.
आज पंजाब के माता-पिता चाहते हैं कि उनके बच्चों की मेहनत का सम्मान हो, और युवा चाहते हैं कि उन्हें बिना किसी सिफारिश या धांधली के अवसर मिले. ऐसी भावना के बीच नकल के प्रयास को समय रहते रोकना उन लाखों मेहनती छात्रों के विश्वास की रक्षा करने जैसा माना जा रहा है.