हाईकोर्ट के आदेश के बाद यह मामला चंडीगढ़ में ट्रांसफर हुआ है।

पंजाब के 11 साल पुराने बहुचर्चित कोटकपूरा गोलीकांड में वीरवार को पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल चंडीगढ़ जिला अदालत में पेश हुए। हाईकोर्ट के आदेश के बाद यह मामला चंडीगढ़ में ट्रांसफर हुआ है। अभी हाल ही में सुखबीर बादल अदालत से मंजूरी लेकर विदेश गए थे। वापस आकर उन्होंने अदालत में पेश होकर अपनी हाजिरी लगाई। इस दौरान उनके वकील राजेश कुमार राय भी मौजूद थे।
14 अक्टूबर, 2015 को फरीदकोट जिले के बरगाड़ी बेअदबी कांड के विरोध में कोटकपूरा और बहिबल कलां में लोग प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग कर दी थी।
फायरिंग में बहिबल कलां में सरावां गांव के गुरजीत सिंह और नियामीवाला गांव के कृष्ण भगवान सिंह की मौत हो गई थी, जबकि कोटकपूरा में कई लोग घायल हुए थे। अदालत ने अगली तारीख 17 अक्टूबर, 2026 तय की है।
मामले में प्रकाश सिंह बादल के खिलाफ चल रही कार्यवाही उनके निधन के बाद समाप्त हो चुकी है। अब मामले में बाकी आरोपियों से जुड़े मामलों और लंबित आवेदनों पर सुनवाई चल रही है।
सैनी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग याचिका पर मांगा जवाब
इससे पहले 1 अगस्त, 2026 को हुई सुनवाई में सुखबीर सिंह बादल और पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश हुए थे। सैनी की ओर से अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होने की अनुमति के लिए अलग से आवेदन दिया गया था। इसकी प्रति अभियोजन पक्ष को भी दी गई थी।
अदालत ने पंजाब सरकार के वकील को इस आवेदन पर अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए थे। यह मामला भी पिछली सुनवाई के दौरान लंबित रहा था।
उमरानंगल को स्वास्थ्य कारणों से मिली छूट
1 अगस्त की पिछली सुनवाई में पंजाब पुलिस के सीनियर अधिकारी परमराज सिंह उमरानंगल की ओर से व्यक्तिगत पेशी से छूट के लिए आवेदन दिया गया था। इसमें स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के कारण अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं होने की बात कही गई थी। आवेदन के साथ मेडिकल स्लिप लगाई गई थी और उसका मूल दस्तावेज भी अदालत में पेश किया गया था।
मेडिकल दस्तावेज देखने के बाद अदालत ने उमरानंगल को उस दिन की सुनवाई के लिए व्यक्तिगत पेशी से छूट दे दी थी। इसी मामले में चरनजीत सिंह शर्मा की ओर से भी स्वास्थ्य खराब होने का हवाला देते हुए व्यक्तिगत पेशी से छूट मांगी गई थी। उनके आवेदन के साथ निजी अस्पताल की पर्ची की फोटो कॉपी लगाई गई थी।
अदालत ने शर्मा को भी उस दिन व्यक्तिगत पेशी से छूट दे दी थी। हालांकि, अगली तारीख पर उचित मेडिकल प्रमाण पत्र पेश करने का निर्देश दिया गया था।
सीलबंद लिफाफे में पेश की गई थी स्टेटस रिपोर्ट
1 अगस्त की सुनवाई के दौरान एसएएस नगर, मोहाली के फेज-11 थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर अमन बैदवान भी अदालत में पेश हुए थे। उन्होंने अपना बयान दर्ज कराने के बाद मामले से संबंधित स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में अदालत के सामने पेश की थी।
सरकार की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक हरभजन कौर ने अदालत से अनुरोध किया था कि रिपोर्ट को देखने के बाद उसे सीलबंद कवर में ही सुरक्षित रखा जाए। अदालत ने रिपोर्ट खोली और उसका अवलोकन किया। इसके बाद रिपोर्ट को दोबारा सीलबंद कर सुरक्षित रखने का आदेश दिया था।
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