पुलिस ने चार लोगों पर नामजद किया FIR
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109 (पूर्व आईपीसी धारा 307–हत्या के प्रयास), आर्म्स एक्ट और सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने से संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर संख्या 198 दर्ज की है। प्राथमिकी में संदीप पावा, बोनी, धोता और डीसी को नामजद किया गया है, जबकि 10 से 12 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
फिलहाल पुलिस ने संदीप पावा को हिरासत में ले लिया है। घटना में इस्तेमाल किए गए हथियारों के लाइसेंस की जांच की जा रही है। वहीं, अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
चाचा नामक व्यक्ति करता था शराब का अवैध कारोबार
वहीं, इस मामले में भाजपा नेता शीतल अंगुराल का कहना है कि भार्गव कैंप में एक्साइज विभाग की टीम ‘चाचा’ नामक व्यक्ति को अवैध शराब कारोबार के मामले में पकड़ने पहुंची थी। उनके अनुसार, जब टीम आरोपी को हिरासत में लेकर जा रही थी, तब उसके साथ मारपीट की जा रही थी। इसी दौरान वहां से गुजर रहे स्थानीय नेता संदीप पावा ने देखा कि आरोपी बुजुर्ग है। उसके पेट पर मेडिकल पाउच लगा हुआ है।
मौजूद लोगों से कहा कि आरोपी बीमार है
संदीप पावा ने मानवीय आधार पर एक्साइज टीम और उनके साथ मौजूद लोगों से कहा कि आरोपी बीमार है, इसलिए उसके साथ मारपीट न कर सीधे थाने ले जाया जाए। उनका दावा है कि इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और गाली-गलौज शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर कथित तौर पर ठेकेदार के कारिंदों की ओर से गोलियां चलाई गईं।
भतीजा परिवार को बचाने के लिए बाहर आया
गोलियों की आवाज सुनकर संदीप पावा का भतीजा अपने परिवार को बचाने के लिए बाहर आया। उसने आत्मरक्षा में गोली चलाई। उन्होंने यह भी कहा कि सीसीटीवी फुटेज में संदीप पावा खाली हाथ दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कोई हथियार नहीं चलाया।
पुलिस करे निष्पक्ष जांच
शीतल अंगुराल ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि वह किसी भी नशा तस्कर के पक्ष में नहीं हैं। यदि बीमार व्यक्ति के प्रति सहानुभूति जताने के कारण पावा के खिलाफ कोई झूठा मामला दर्ज किया गया, तो इसका विरोध किया जाएगा। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है।