रायकोट, (punjabprotv) : पंजाब के रायकोट से बड़ी खबर है। रायकोट के गांव अकालगढ़ खुर्द में नौ वर्षीय बच्चे से चली गोली से घायल हुए उसके पिता दलजीत सिंह जीता की सोमवार सुबह लुधियाना के डीएमसी अस्पताल में मौत हो गई। 45 वर्षीय किसान दलजीत सिंह पिछले दो दिन से जिंदगी की जंग लड़ रहा था। दलजीत सिंह की मौत से गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

शनिवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे दलजीत सिंह जीता अपनी पत्नी और बेटे के साथ बहन के घर संधारा देने कार में जा रहे थे। इसी दौरान दलजीत की पिस्तौल कार की पिछली सीट पर बैठे बेटे के हाथ लग गई। बेटा पिस्तौल के साथ खिलौने की तरह खेलने लगा कि अचानक ट्रिगर दब गया और गोली दलजीत की पीठ में जा लगी। गंभीर रूप से घायल जीता को तुरंत रायकोट के एक निजी अस्पताल ले जाया गया।

दलजीत की पीठ में लगी गोली पेट के अगले हिस्से में नाभी के पास जाकर फंस गई थी। दलजीत की हालत खराब होने के कारण उसे लुधियाना रेफर कर दिया गया, जहां आज सुबह उसकी मौत हो गई। दलजीत की मौत के बाद से हर किसी की जुबान पर एक सवाल है कि बच्चों के हाथ में हथियार थमा देना कितना घातक साबित हो सकता है।

चौकी लोहटबद्दी के प्रभारी असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर सुखविंदर सिंह ने बताया कि दलजीत सिंह जीता के शव का पोस्टमार्टम जगरांव सिविल अस्पताल में करवाया जाएगा। रायकोट सदर थाना के अधीन चौकी लोहटबद्दी की पुलिस लुधियाना पहुंच चुकी है। जीता का अंतिम सस्कार शाम को उसके गांव अकालगढ़ खुर्द में किया जाएगा।

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