चीन के तिब्बत से आई अचानक बाढ़ ने नेपाल के रसुवा जिले में भारी तबाही मचाई है।
भोटेकोशी नदी का पानी अचानक बढ़ने से टिमुरे और स्याब्रुबेसी इलाके के कई घरों, बाजारों और दूसरी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है।
तेज बहाव में वाहन और सामान बह गए, जबकि एक पुल भी टूट गया। बाढ़ के बाद टिमुरे बॉर्डर पोस्ट पर तैनात 9 पुलिसकर्मी लापता बताए जा रहे हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ के बाद से इनसे संपर्क नहीं हो पाया है। हालांकि, बॉर्डर पोस्ट पर मौजूद 25 से 30 दूसरे लोग सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
नेपाल में आई बाढ़ से जुड़े फुटेज
तिब्बत से आई बाढ़ का पानी जब नेपाल के रसुवा जिले में घुसा।
बाढ़ में हेलिपैड बहा, रेस्क्यू हेलिकॉप्टर को लौटना पड़ा
रसुवा के टिमुरे में फंसे लोगों को निकालने के लिए भेजा गया हेलिकॉप्टर बिना उतरे काठमांडू लौट आया। बाढ़ के पानी में स्थानीय हेलिपैड बह गया था, इसलिए पायलट को उतरने के लिए सुरक्षित जगह नहीं मिली।
पायलट ने काठमांडू पोस्ट को बताया कि ऊपर से देखने पर टिमुरे गांव का बड़ा हिस्सा नजर ही नहीं आ रहा था। उन्होंने कहा कि त्रिशूली नदी का पानी अचानक बहुत तेजी से बढ़ा, जैसे अचानक किसी बंद नदी का पानी बाहर निकल आया हो।
हेलिकॉप्टर से लिए गए विजुअल में रसुवा के बाढ़ प्रभावित इलाकों को देखा जा सकता है।
बाढ़ से हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट भी बहा
रसुवा में अचानक बाढ़ से एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट बह गया। इसके अलावा चिलिमे जलविद्युत परियोजना समेत कुछ दूसरी परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है।
तिब्बत से आई बाढ़ के बाद भोटेकोशी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया।
बाढ़ की वजह अभी साफ नहीं
रसुवा में बाढ़ से कितना कुल नुकसान हुआ है, इसकी पूरी जानकारी अभी नहीं मिली है। खास बात यह है कि जिला मुख्यालय के आसपास बारिश नहीं हुई थी, फिर भी भोटेकोशी नदी में अचानक पानी बढ़ गया।
अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ की सटीक वजह अभी पता नहीं चली है। ऊंचाई वाले इलाके में ग्लेशियर की झील का पानी अचानक निकलने की आशंका है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
टिमुरे में बाढ़ और भूस्खलन से भारी नुकसान की आशंका है। फिलहाल मौतों और नुकसान का सही आंकड़ा जुटाया जा रहा है।
PM बालेन ने सेना तैनात करने के आदेश दिए
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने रसुवा के बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव और राहत के लिए नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस को तैनात करने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित इलाकों में दूसरे जिलों से भी अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी भेजे गए हैं।
प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त एंबुलेंस और मेडिकल स्टाफ भी भेजा जा रहा है। बालेन ने नदी किनारे के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित जगह पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
लोगों को सुरक्षित जगह जाने की सलाह
भोटेकोशी में पानी बढ़ने के बाद आगे त्रिशूली नदी में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और चितवन में नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और खतरा बढ़ने पर सुरक्षित जगह जाने की सलाह दी गई है।
त्रिशूली नदी के आसपास रहने वाले लोगों से नदी में जाने, मछली पकड़ने और किनारे पर काम करने से बचने को कहा गया है।
भोटेकोशी में पिछले साल भी आई थी बाढ़
भोटेकोशी नदी तिब्बत से निकलकर नेपाल में आती है और आगे जाकर सुनकोशी नदी में मिल जाती है। यही सुनकोशी नदी आगे चलकर सप्तकोशी (कोसी) नदी बनती है, जो भारत के बिहार में प्रवेश करती है।
पिछले साल भी भोटेकोशी में आई बाढ़ से नेपाल को बड़ा नुकसान हुआ था। उस हादसे में 9 लोगों की जान गई थी, जबकि 24 लोग लापता हो गए थे। नेपाल और चीन को जोड़ने वाला फ्रेंडशिप ब्रिज भी बाढ़ में बह गया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच सड़क संपर्क और व्यापार कई महीनों तक प्रभावित रहा।