पटियाला से कांग्रेस सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी की सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है।

पोस्ट में हिंदू धर्म, देवी-देवताओं और धार्मिक यात्राओं को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई हैं। मामले में लुधियाना के पुलिस कमिश्नर को शिकायत देकर सांसद के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता वरुण मेहता निवासी सिविल लाइंस लुधियाना ने 25 अगस्त को पुलिस में शिकायत दी। उन्होंने लिखित अर्जी में आरोप लगाया है कि डॉ. धर्मवीर गांधी ने फेसबुक पर भगवान शिव, भगवान श्री राम और सनातन धर्म से जुड़ी धार्मिक यात्राओं को लेकर बेहद आपत्तिजनक और अशोभनीय पोस्ट साझा किए हैं।
करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई
शिकायतकर्ता के अनुसार, इन पोस्ट से सनातन और हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि की ओर से इस तरह की सार्वजनिक टिप्पणियां समाज में आपसी भाईचारे को नुकसान पहुंचाने और तनाव का माहौल पैदा करने का कारण बन सकती हैं।
शिकायतकर्ता वरुण मेहता।
शिकायतकर्ता वरुण मेहता।
वरुण मेहता की तरफ से पुलिस को दी गई लिखित शिकायत।
वरुण मेहता की तरफ से पुलिस को दी गई लिखित शिकायत।
कांग्रेस सांसद गांधी ने क्या कहा, 3 पॉइंट में जानिए
  • मैं टैक्स राज्य के लोगों के लिए देता हूं: पटियाला से कांग्रेस के सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी ने फेसबुक पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा- केजरी-भगवंत एंड कंपनी, मेरा परिवार दिन-रात मेहनत करके इसलिए टैक्स भरता है, ताकि ये राज्य के लोगों को बेहतर इलाज, शिक्षा, रोजगार और बुनियादी ढांचा मुहैया करवाने में खर्च हो।
  • मेरे टैक्स का पैसा आडंबर पर खर्च न हो: डॉ. गांधी ने लिखा- मेरे टैक्स के पैसे को ‘एक शाम, शिव के नाम’, ‘हमारे राम’, नए मंदिर बनाने, श्री खाटू श्याम, सालासर, हरिद्वार, ऋषिकेश, मथुरा, वृंदावन और श्री हजूर साहिब जैसी धार्मिक यात्राओं या किसी अन्य धार्मिक अनुष्ठान और आडंबर पर खर्च नहीं किया जाना चाहिए।
  • धर्म को सरपरस्ती संविधान का उल्लंघन: डॉ. गांधी ने आगे लिखा- धर्म किसी भी व्यक्ति की निजी आस्था का मामला है। राज्य की ओर से किसी एक या दूसरे धर्म को किसी भी प्रकार की हौसलाअफजाई या सरपरस्ती देना भारतीय संविधान का उल्लंघन है। साथ ही इससे समुदायों के बीच भेदभाव और विभाजन पैदा होकर सांप्रदायिकता को बढ़ावा मिल सकता है।
साक्ष्य सौंपते हुए निष्पक्ष जांच की मांग
शिकायत के साथ कथित विवादित फेसबुक पोस्ट और टिप्पणियों के स्क्रीनशॉट भी साक्ष्य के तौर पर पुलिस कमिश्नर को सौंपे गए हैं। शिकायतकर्ता ने पुलिस प्रशासन से सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री के मूल स्रोत और प्रामाणिकता की तत्काल साइबर जांच कराने की मांग की है। साथ ही, धार्मिक भावनाएं भड़काने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में डॉ. धर्मवीर गांधी के खिलाफ उचित धाराओं के तहत FIR दर्ज करने की मांग की गई है।
हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों में रोष
शिकायतकर्ता ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। विवाद सामने आने के बाद सियासी माहौल भी गर्म हो गया है। हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों में सांसद की कथित टिप्पणियों को लेकर रोष है। अब सबकी नजर पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर है कि शिकायत और सौंपे गए डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद क्या कानूनी कदम उठाया जाता है।
पिछला लेखMoga में गूंजा तीज का रंग, पंजाब की संस्कृति और विरासत का दिखा खूबसूरत संगम
अगला लेखAmritsar में आज CM मान करेंगे लोक मिलनी:सीधे जनता से सुनेंगे समस्याएं, अधिकारियों को देंगे समाधान के निर्देश