लोकसभा के आम चुनावों का बिगुल बजने वाला है और पंजाब सरकार ने लांबित पड़े सरकारें कामकाज को निपटाने में तेजी ला दी है। केंद्रीय चुनाव आयोग द्वारा अब कभी भी लोकसभा के आम चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया जाएगा और साथ ही पंजाब सहित देश भर में आदर्श आचार चुनाव संहिता लागू हो जाएगी जिसके बाद सभी राज्य सरकारों को सरकारी कामकाज को करने में प्रतिबंध लग जाएगा। इसे देखते हुए ही पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाले सरकार ने भी अपने लांबित पड़े कामों को सिरे चढ़ाने के लिए पहलकदमी की है।

राज्य सरकार पहले ही प्रशासनिक तथा सरकारी कार्यों से जुड़े अधिकारियों के तबादलों का कार्य सम्पन्न कर चुकी है। पंजाब पुलिस में भी अधिकांश तबादले हो चुके हैं। इसी तरह से एक ही स्टेशन पर 3 वर्षों से तैनात या फिर अपने गृह जिलों में तैनात अधिकारियों को भी तबदील कर दिया गया है। चुनावी तरीकों का ऐलान निकट आने के कारण अब राजनीतिक दलों का पूरा ध्यान चुनावी संबंधी कार्यों से जुड़ कर रह गया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरङ्क्षवद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी पिछले 2 दिनों में सांझे तौर पर जालंधर, लुधियाना तथा अमृतसर के दौरे किए हैं जिसके दौरान उन्होंने आम आदमी क्लीनिक, स्कूल आफ एमिनैस के उद्घाटन किए हैं तथा साथ ही सरकार तथा व्यापार मिलनियों का आयोजन किया है।

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कुल मिलाकर इस समय राजनीतिक माहौल गर्मा गया है और अब सरकारी कामकाज में शिथिलता आ जाएगी क्योंकि मुख्यमंत्री भगवंत मान, सभी मंत्रिगण तथा विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में राजनीतिक तौर पर सक्रिय हो जाएंगे। पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के सम्पन्न होते ही सभी राजनेता जिनमें विपक्षी नेता भी शामिल हैं अपने-अपने इलाकों में चले जाएंगे। लोकसभा के चुनाव सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होंगे वहीं पर दूसरी ओर वह विपक्षी दलों की लोकप्रियता को भी सिद्ध करेंगे।

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