शांत पड़े ग्लेशियर का फटना और साथ ही भूकंप के झटकों का आना ऐसा था मानो धरती और आसमान दोनों ने एक साथ अपना रुख मोड़ लिया हो.

प्रकृति का प्रकोप जब शांत वादियों को अपनी चपेट में लेता है, तो पीछे सिर्फ तबाही और चीखें छोड़ जाता है. नेपाल में तिब्बत की ओर से आया यह जल प्रलय केवल एक प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि इंसानी बेबसी की एक दर्दहीन दास्तान है.

शांत पड़े ग्लेशियर का फटना और साथ ही भूकंप के झटकों का आना ऐसा था मानो धरती और आसमान दोनों ने एक साथ अपना रुख मोड़ लिया हो. पल भर पहले जो लोग अपने घरों में सुरक्षित थे, अगले ही पल उनके आशियाने, उनकी जिंदगी सैलाब में विलीन हो गई. (Photo-Getty)

शांत पड़े ग्लेशियर का फटना और साथ ही भूकंप के झटकों का आना ऐसा था मानो धरती और आसमान दोनों ने एक साथ अपना रुख मोड़ लिया हो. पल भर पहले जो लोग अपने घरों में सुरक्षित थे, अगले ही पल उनके आशियाने, उनकी जिंदगी सैलाब में विलीन हो गई.तिब्बत के पहाड़ों से उतरा यह पानी अपने साथ केवल पत्थर और मिट्टी नहीं लाया, बल्कि अपने साथ कई मासूमों की मुस्कान और परिवारों के कल को भी बहा ले गया. आज नेपाल की वादियों में केवल पानी का शोर नहीं है, बल्कि अपनों को खो चुके लोगों की चित्कार गूंज रही हैं. (Photo-Getty)
तिब्बत के पहाड़ों से उतरा यह पानी अपने साथ केवल पत्थर और मिट्टी नहीं लाया, बल्कि अपने साथ कई मासूमों की मुस्कान और परिवारों के कल को भी बहा ले गया. आज नेपाल की वादियों में केवल पानी का शोर नहीं है, बल्कि अपनों को खो चुके लोगों की चित्कार गूंज रही हैं. मलबे के ढेर और बहती नदियों के बीच लोग अपनों की एक झलक पाने के लिए तरस रहे हैं. प्रकृति के इस विकराल रूप के आगे इंसान लाचार खड़ा है. पूरा विश्व नेपाल के इस दर्द को महसूस कर रहा है. नेपाल को इस संकट से उबरने की हर कोई प्रार्थना कर रहा है. (Photo-Getty)
मलबे के ढेर और बहती नदियों के बीच लोग अपनों की एक झलक पाने के लिए तरस रहे हैं. प्रकृति के इस विकराल रूप के आगे इंसान लाचार खड़ा है. पूरा विश्व नेपाल के इस दर्द को महसूस कर रहा है. नेपाल को इस संकट से उबरने की हर कोई प्रार्थना कर रहा है.

इस भीषण तबाही में मरने वालों की संख्या 200 से ज्यादा हो गई है. विदेशी पर्यटकों समेत सैकड़ों लोग लापता हैं. लापता लोगों में कई भारतीय भी शामिल हैं. नेपाल में आई इस भीषण तबाही को हाल के वर्षों में देश की सबसे भीषण आपदाओं में से एक माना जा रहा है. (Photo-Getty)

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इस भीषण तबाही में मरने वालों की संख्या 200 से ज्यादा हो गई है. विदेशी पर्यटकों समेत सैकड़ों लोग लापता हैं. लापता लोगों में कई भारतीय भी शामिल हैं. नेपाल में आई इस भीषण तबाही को हाल के वर्षों में देश की सबसे भीषण आपदाओं में से एक माना जा रहा है.

बाढ़ सबसे पहले चीन सीमा के पास रसुवागढ़ी स्थित तिमुरे इलाके में आई. सैकड़ों लोगों की आबादी वाले इस इलाके का बड़ा हिस्सा बाढ़ में बह गया. इसके बाद पानी तेजी से नीचे की ओर बढ़ा. लोगों को आपदा का कोई अंदाजा नहीं था और वे रोजमर्रा के काम में लगे हुए थे. (Photo-Getty)

बाढ़ सबसे पहले चीन सीमा के पास रसुवागढ़ी स्थित तिमुरे इलाके में आई. सैकड़ों लोगों की आबादी वाले इस इलाके का बड़ा हिस्सा बाढ़ में बह गया. इसके बाद पानी तेजी से नीचे की ओर बढ़ा. लोगों को आपदा का कोई अंदाजा नहीं था और वे रोजमर्रा के काम में लगे हुए थे. तभी अचानक बाढ़ ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया. घर, सड़कें और बिजली परियोजनाएं सब बह गईं. नेपाल ने इस भीषण तबाही का जिम्मेदार चीन को ठहराया है. उसका कहना है कि बुधवार को चीन के केरुंग इलाके में झील फटी. चीन ने इसकी जानकारी नहीं दी. (Photo-Getty)
तभी अचानक बाढ़ ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया. घर, सड़कें और बिजली परियोजनाएं सब बह गईं. नेपाल ने इस भीषण तबाही का जिम्मेदार चीन को ठहराया है. उसका कहना है कि बुधवार को चीन के केरुंग इलाके में झील फटी. चीन ने इसकी जानकारी नहीं दी.

2 करोड़ घन मीटर पानी नेपाल आया. वक्त पर जानकारी मिलता तो ऐसी तबाही नहीं हुई होती. सुबह 10.30 बजे चीन के केरुंग क्षेत्र में झील फटी. चीन ने 45 मिनट की देरी से जानकारी साझा की. नेपाल में 'जल प्रलय' का कारण चीन की लापरवाही है. (Photo-Getty)

2 करोड़ घन मीटर पानी नेपाल आया. वक्त पर जानकारी मिलता तो ऐसी तबाही नहीं हुई होती. सुबह 10.30 बजे चीन के केरुंग क्षेत्र में झील फटी. चीन ने 45 मिनट की देरी से जानकारी साझा की. नेपाल में ‘जल प्रलय’ का कारण चीन की लापरवाही है.
नेपाल में कम से कम 341 विदेशी यात्री लापता हैं. इनमें 100 से ज्यादा भारतीय नागरिक भी शामिल हैं. नेपाल में बाढ़ के बाद बिहार और यूपी में अलर्ट जारी किया गया है. नेपाल से बढ़ा पानी गंडक बैराज तक पहुंच गया है. गंडक बैराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए. (Photo-Getty)
नेपाल में कम से कम 341 विदेशी यात्री लापता हैं. इनमें 100 से ज्यादा भारतीय नागरिक भी शामिल हैं. नेपाल में बाढ़ के बाद बिहार और यूपी में अलर्ट जारी किया गया है. नेपाल से बढ़ा पानी गंडक बैराज तक पहुंच गया है. गंडक बैराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए. हिमस्खलन के कारण भोटेकोशी की सहायक नदी ल्हेंदे के बहाव में रुकावट पैदा होने के बाद यह बाढ़ आई. यह सबसे पहले चीन की सीमा के पास रसुवागढ़ी स्थित तिमुरे इलाके में पहुंची. बाढ़ ने नेपाल के तीन जिलों में भारी तबाही मचाई है.
हिमस्खलन के कारण भोटेकोशी की सहायक नदी ल्हेंदे के बहाव में रुकावट पैदा होने के बाद यह बाढ़ आई. यह सबसे पहले चीन की सीमा के पास रसुवागढ़ी स्थित तिमुरे इलाके में पहुंची. बाढ़ ने नेपाल के तीन जिलों में भारी तबाही मचाई है.

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा कि इस त्रासदी में 160 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. हजारों परिवारों ने अपने घर खो दिए हैं, बड़ी संख्या में लोग लापता हैं... अचानक आई बाढ़ में लापता हजारों लोगों में करीब 300 भारतीय पर्यटक शामिल हैं.

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा कि इस त्रासदी में 160 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. हजारों परिवारों ने अपने घर खो दिए हैं, बड़ी संख्या में लोग लापता हैं… अचानक आई बाढ़ में लापता हजारों लोगों में करीब 300 भारतीय पर्यटक शामिल हैं.

बाढ़ के बाद लगातार बचाव का काम जारी है. भारत से नेपाल के लिए राहत सामाग्री भेजी गई है. भारतीय वायु सेना का C-130J विमान आपातकालीन सामान लेकर वहां पहुंचा है और राहत कार्यों में मदद के लिए और भी सहायता जुटाई जा रही है. (PC-PTI)

बाढ़ के बाद लगातार बचाव का काम जारी है. भारत से नेपाल के लिए राहत सामाग्री भेजी गई है. भारतीय वायु सेना का C-130J विमान आपातकालीन सामान लेकर वहां पहुंचा है और राहत कार्यों में मदद के लिए और भी सहायता जुटाई जा रही है.
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