पंजाब में मुलाजिमों के DA मामले को लेकर गुरुवार को तीन मंत्री- हरपाल सिंह चीमा, अमन अरोड़ा और बलजीत कौर प्रेस कॉन्फ्रेंस की।

मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब के सरकारी कर्मचारी देश में सबसे ज्यादा वेतन पाने वाले कर्मचारियों में हैं।
उन्होंने कहा कि बेसिक वेतन और DA को मिलाकर पंजाब के कर्मचारियों का वेतन हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से ज्यादा है। चीमा ने दावा किया कि गुजरात के कर्मचारियों की तुलना में पंजाब के कर्मचारियों को करीब 28% ज्यादा वेतन मिलता है।
पंजाब अपने कुल राजस्व का करीब 51% हिस्सा कर्मचारियों और पेंशनरों पर खर्च करता है, जो देश में सबसे ज्यादा है। अन्य राज्यों में यह औसतन करीब 38% है। DA को नवंबर 2024 में बढ़ाकर 42% किया कर दिया था।
इधर, सरकार के हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने के बाद अब मुलाजिमों ने हाईकोर्ट में एक और याचिका दाखिल की है, जिस पर आज पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई होगी।
DA पर मंत्री चीमा की बड़ी बातें…
  • चीमा के मुताबिक, पंजाब के कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी देश में सबसे ज्यादा है। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन और DA से तुलना करने पर भी पंजाब आगे है। उन्होंने कहा कि पंजाब में क्लर्क, ड्राइवर, स्टेनोग्राफर, शिक्षक और पुलिस जवानों का वेतन केंद्र सरकार के कर्मचारियों से ज्यादा है।
  • चीमा ने कहा कि विपक्षी पार्टियां DA को लेकर गलत जानकारी फैला रही हैं। उन्होंने बताया कि जब उनकी सरकार बनी थी, तब कर्मचारियों को 28% DA मिलता था। अक्टूबर में इसे बढ़ाकर 34%, दिसंबर 2023 में 38% और नवंबर 2024 में 42% किया गया। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद DA को लेकर गलत बातें फैलाई जा रही हैं।
  • चीमा ने कहा कि करीब ₹14,191 करोड़ का बकाया 2016 से 2021 के बीच का है, जब पंजाब में कांग्रेस और अकाली-भाजपा की सरकारें थीं। उन्होंने कहा कि यह पुराना बकाया अब पंजाब सरकार चुका रही है। सरकार ने हाईकोर्ट में लिक्विडेशन प्लान भी दाखिल किया था, जिसे कोर्ट ने स्वीकार किया था। अब तक ₹4,500 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनरों को दिए जा चुके हैं। चीमा ने कहा कि यह बकाया पिछली अकाली दल और कांग्रेस सरकारों के समय का है।
  • चीमा ने कहा कि पिछली सरकारों ने 2021 में DA लागू किया था और एरियर देने की बात कही थी, लेकिन कांग्रेस सरकार जाते समय भी कर्मचारियों को बकाया नहीं दे सकी। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार अब तक ₹4,500 करोड़ का भुगतान कर चुकी है और वह कर्मचारियों के साथ खड़ी है।
क्या बीजेपी आर्टिकल-14 का पालन कर रही
चीमा ने कहा कि ये तथ्य इसलिए सामने रखने पड़े हैं, क्योंकि कांग्रेस और बीजेपी की ओर से DA को लेकर गलत तथ्य पेश किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी नेता संविधान के आर्टिकल 14 के उल्लंघन की बात कर रहे हैं।
अगर ऐसा है तो उन्हें हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात में भी यही नियम लागू होने की स्थिति बतानी चाहिए। चीमा ने कहा कि जिन राज्यों में बीजेपी की सरकार है, वहां क्या आर्टिकल-14 का पालन हो रहा है?
सरकार नियमों के मुताबिक काम कर रही
मंत्री बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब में कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और DA पंजाब सिविल सर्विस रिवाइज्ड-पे रूल्स, 2021 और संविधान के आर्टिकल 309 के तहत तय होते हैं। ये नियम कांग्रेस सरकार के समय बनाए गए थे।
उन्होंने कहा कि इन नियमों में कहीं भी फिक्स DA, केंद्रीय इंडेक्स, ऑटोमेटिक फॉर्मूला या केंद्र सरकार के नियमों को अनिवार्य रूप से लागू करने का प्रावधान नहीं है। कितना DA देना है और कब देना है, यह पंजाब सरकार तय करती है। उन्होंने कहा कि हर राज्य को अपने नियम और विशेषाधिकार तय करने का अधिकार है।
मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि कर्मचारी और चुने हुए प्रतिनिधि एक सिक्के के दो पहलू हैं।
मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि कर्मचारी और चुने हुए प्रतिनिधि एक सिक्के के दो पहलू हैं।
अरोड़ा बोले- कर्मचारी सरकार की रीढ़ की हड्डी
मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि कर्मचारी किसी भी सरकार की रीढ़ की हड्डी होते हैं। कर्मचारी और चुने हुए प्रतिनिधि एक सिक्के के दो पहलू हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि कर्मचारियों को गुमराह किया जा रहा है। कर्मचारी हमारे परिवार का हिस्सा थे और आगे भी रहेंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार को सिस्टम से जुड़े नहीं रहने वाले पंजाब के तीन करोड़ लोगों के हितों की भी रक्षा करनी है। सरकार कर्मचारियों को 42% DA दे रही है। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार 60% DA दे रही है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि पंजाब में कर्मचारियों की सैलरी का 48% हिस्सा DA में चला जाता है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की अपनी मांगें सही हो सकती हैं, लेकिन विपक्षी दल जिस तरह से झूठ बोल रहे हैं, वह गलत है। जब वेतन आयोग शुरू हुआ था, उस समय सरकार किसकी थी, यह भी देखना चाहिए। उन्होंने कर्मचारी भाइयों से हाथ जोड़कर अपील की कि उनके बिना सरकार चलाना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों का हिस्सा है और कर्मचारी सरकार का हिस्सा हैं, इसलिए बैठकर बातचीत से समाधान निकालना चाहिए।
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